Bihar: रोजगार के मोर्चे पर बड़ी छलांग, 6 साल में 10 लाख को रोजगार; 1.5 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू

बिहार के प्रशासनिक तंत्र को गुणवत्ता और पारदर्शिता के नए मानकों पर स्थापित करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन ISO 9001:2015 प्राप्त हुआ है। सोमवार को सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में विभाग ने अपनी प्रमुख उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। प्रेस वार्ता में बताया गया कि सामान्य प्रशासन विभाग और बिहार लोक सेवा अधिकार प्राधिकरण (बिपार्ड) को 21 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से तीन वर्षों के लिए यह प्रमाणन प्रदान किया गया है। यह प्रमाणन विभाग की कार्यप्रणाली, सेवा वितरण प्रणाली और शिकायत निवारण व्यवस्था की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देता है। 51 करोड़ से अधिक आवेदनों का निष्पादन बिहार लोक सेवा अधिकार अधिनियम, 2011 के तहत राज्य के 14 विभागों की 153 प्रकार की सेवाएं नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र, नया राशन कार्ड, मजदूर दुर्घटना अनुदान, चालक अनुज्ञप्ति निर्गमन, कन्या उत्थान योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सेवाएं शामिल हैं। अब तक राज्य में 51.13 करोड़ से अधिक आवेदनों का सफल निष्पादन किया जा चुका है। गांवों तक पहुंचीं ई-सेवाएं जुलाई 2025 से पंचायत सरकार भवनों और पंचायत भवनों में संचालित लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से 64 से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे ग्रामीण नागरिकों को प्रखंड, अनुमंडल या जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। शिकायत निवारण प्रणाली हुई और सशक्त बिहार लोक सेवा शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के तहत 45 विभागों की 514 सेवाओं और योजनाओं में समयबद्ध शिकायत निस्तारण सुनिश्चित किया गया है। 22 जनवरी 2016 से अब तक 18.57 लाख से अधिक शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। वहीं, बिहार सरकारी सेवक शिकायत निवारण प्रणाली के तहत 3 जून 2019 से अब तक 14,569 मामलों का समाधान किया गया है। मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना को स्वीकृति अधिसूचना संख्या 17373 (15 सितंबर 2025) के तहत मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना को मंजूरी दी गई है। इसके अंतर्गत 121 विषय विशेषज्ञों का चयन कर उन्हें राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कार्य का अवसर दिया जाएगा। इस योजना के लिए बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और आईआईएम बोधगया के बीच एमओयू भी हो चुका है। रोजगार सृजन में बड़ी उपलब्धि 1 अप्रैल 2020 से 6 फरवरी 2026 तक सरकारी क्षेत्र में 9,84,141 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसमें 7,95,832 नियमित नियुक्तियां, 1,17,784 संविदा नियोजन और 70,525 बाह्य स्रोत से नियुक्त कर्मी शामिल हैं। वर्ष 2025-26 में नौकरी और रोजगार के लिए 1,50,561 पदों की अधियाचना विभिन्न आयोगों को भेजी गई है। मानव संसाधन और संपत्ति प्रबंधन हुआ डिजिटल HRMS के तहत 2.72 लाख सेवा अभिलेखों का डिजिटलीकरण, 1.23 करोड़ पृष्ठों की स्कैनिंग और 48 विभागों के लगभग 8 लाख कर्मियों का सेवा-वेतन प्रबंधन किया जा रहा है। राज्य सरकार के समूह क, ख और ग के सभी अधिकारियों एवं कर्मियों की चल-अचल संपत्ति का विवरण नियमित रूप से विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है। ये भी पढ़ें-Rohini Acharya: 'महिलाओं के प्रति मानसिक-वैचारिक कुंठा से ग्रस्त हैं नीतीश', विधानसभा में CM की किस बात पर भड़कीं रोहिणी हेल्पलाइन से लाखों लोगों को राहत वर्ष 2010 से संचालित जिज्ञासा केंद्रीय हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर 14403) के माध्यम से 7.92 लाख से अधिक नागरिकों को जानकारी दी गई। वहीं 2016 में शुरू समाधान कॉल सेंटर (टोल फ्री नंबर 1800-345-6284) के जरिए 12.35 लाख से अधिक शिकायतों का पंजीकरण और समाधान किया गया है। अन्य महत्वपूर्ण निर्णय सरकार की अधिसूचना के तहत गया का नाम बदलकर गयाजी किया गया। बिहार सरकारी परिवीक्षा अवधि नियमावली-2024 का मास्टर सर्कुलर जारी किया गया। इसके साथ ही सचिवालय कार्यों के लिए SOP का निर्धारण, पत्रों की पावती संबंधी परिपत्र, तथा विभाग की सभी शाखाओं का मास्टर सर्कुलर और रेडी रेकनर विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 09, 2026, 15:38 IST
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