Kangra News: जमीन सौदे में पहले मुकरीं, फिर मांगी रजिस्ट्री, दावा हुआ खारिज
धर्मशाला। जमीन सौदे के तहत बयाना राशि देने के बाद पहले मुकरना और बाद में रजिस्ट्री की मांग करना वादी को महंगा पड़ गया। सिविल जज पालमपुर प्रियंका की अदालत ने जमीन के विशिष्ट निष्पादन और 75 हजार रुपये की वसूली को लेकर दायर गुरजिंदर कौर का दावा खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि वादी समझौते के पालन को लेकर अपनी निरंतर तत्परता और इच्छा साबित करने में नाकाम रहीं।मामला वर्ष 2011 में हुए 80 हजार रुपये के भूमि सौदे का है। वादी के पति ने आशा देवी के सामान्य मुख्तार करम चंद के साथ समझौता कर 75 हजार रुपये चुकाए थे, जबकि पांच हजार रुपये शेष थे। समझौते के तहत छह माह में बिक्री विलेख पंजीकृत होना था। सितंबर 2012 में पति के निधन के बाद गुरजिंदर कौर ने 17 दिसंबर 2012 को नोटिस भेजकर जमीन खरीदने में अनिच्छा जताई और रकम लौटाने की मांग की। अदालत ने इसे समझौता पूरा न करने की मंशा का अहम प्रमाण माना। बाद में मार्च 2013 में वादी ने दोबारा समझौते के पालन की मांग की, लेकिन पहले नोटिस में जताई अनिच्छा वापस लेने का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया। अदालत ने माना कि करम चंद ने समझौता व्यक्तिगत हैसियत से नहीं, बल्कि मुख्तार के रूप में किया था। आशा देवी के निधन के बाद मुख्तार की शक्ति समाप्त हो गई थी, इसलिए करम चंद पर व्यक्तिगत देनदारी नहीं बनती। अदालत ने कहा कि प्रतिवादी 75 हजार रुपये को बयाना मानकर जब्त करने का आधार सिद्ध नहीं कर सके, लेकिन वादी ने भी रकम वापसी के लिए सही पक्षकार पर दावा नहीं ठोका। अदालत ने दावा खारिज करते हुए दोनों पक्षों को अपना खर्च स्वयं वहन करने के आदेश दिए।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 02, 2026, 18:46 IST
Kangra News: जमीन सौदे में पहले मुकरीं, फिर मांगी रजिस्ट्री, दावा हुआ खारिज #KangraNews #TodayKangraNews #KangraHindiNews #SubahSamachar
