IT Service Sector: वैश्विक आईटी सेवा क्षेत्र में भारत का दबदबा, शीर्ष-25 में 8 देसी कंपनियां
वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवाओं के क्षेत्र में 2026 में भी भारतीय कंपनियों का दबदबा कायम है। खास बात है कि वैश्विक आईटी रैंकिंग में भारत और अमेरिका करीब खड़े हैं। दुनियाभर की शीर्ष-25 आईटी सेवा कंपनियों में दोनों देशों की आठ-आठ संस्थाएं शामिल हैं। ब्रांड फाइनेंस की नई रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इन्फोसिस ने क्रमशः दुनिया के दूसरे एवं तीसरे सबसे मूल्यवान आईटी सेवा ब्रांड के रूप में अपना स्थान बरकरार रखा है। एक्सेंचर 42.2 अरब डॉलर के मूल्य (वैल्यू) के साथ लगातार आठवें साल सबसे मूल्यवान आईटी सेवा ब्रांड चुना गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि 21.2 अरब डॉलर के ब्रांड मूल्य वाले टीसीएस को प्रशंसा और विश्वसनीयता जैसे प्रमुख मानकों पर बेहद मजबूत स्कोर मिला है। यह इसे एक भरोसेमंद और विश्वसनीय कारोबारी साझेदार के रूप में स्थापित करता है। ब्रांड पर विचार और अनुशंसा के मामले में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा, जो दीर्घकालिक ग्राहक भरोसे को बनाए रखने की क्षमता दर्शाता है। 16.4 अरब डॉलर के ब्रांड मूल्य वाली इन्फोसिस बीते छह वर्षों में 15 फीसदी की सालाना चक्रवृद्धि दर के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाली आईटी सेवा कंपनी रही है। कंपनी को 100 में से 86.8 के स्कोर के साथ दुनिया का तीसरा सबसे मजबूत आईटी सेवा ब्रांड बताया गया है। शीर्ष-25 कंपनियों की ब्रांड वैल्यू 167.2 अरब डॉलर रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में दुनिया की शीर्ष-25 आईटी सेवा कंपनियों का संयुक्त ब्रांड मूल्य 167.2 अरब डॉलर रहा। इस सूची में आईबीएम कंसल्टिंग, कैपजेमिनी, एनटीटी डाटा, कॉग्निजेंट, ईपीएएम और जेनपैक्ट जैसी वैश्विक कंपनियां शामिल हैं। शीर्ष-10 में एचसीएल और विप्रो भी रिपोर्ट के मुताबिक, इस सूची में भारतीय आईटी कंपनियां एचसीएल टेक और विप्रो भी शीर्ष-10 में शामिल हैं। टेक महिंद्रा 12वें स्थान पर है। इसके अलावा, एलटीआई माइंडट्री, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज ने भी शीर्ष-25 में जगह बनाई। ये भी पढ़ें:रिपोर्ट में दावा:90 फीसदी कर्मियों को मिल रहे तरक्की के भरपूर अवसर, सिर्फ 64% लोग नौकरी से हैं खुश सेमीकंडक्टर और एआई पर भारत का बड़ा दांव: वैष्णव भारत सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में तेजी से मजबूत आधार तैयार कर रहा है और इसी वजह से वैश्विक उद्योग भारत को एक भरोसेमंद आपूर्ति-शृंखला साझेदार के रूप में देख रहा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह बात दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के दौरान कही। वैष्णव ने बताया कि भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, सामग्री, गैस और उपकरणों समेत पूरे इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है। बढ़ते डिजिटलाइजेशन और ऑटोमेशन के दौर में सेमीकंडक्टर हर क्षेत्र की बुनियाद बन चुके हैं। भारत इस जरूरत को समझते हुए आत्मनिर्भर क्षमता विकसित कर रहा है। भारत का एआई पारिस्थितिकी तंत्र वैश्विक कंपनियों को आकर्षित कर रहा है। गूगल की ओर से विशाखापत्तनम में 15 अरब डॉलर के निवेश से एआई डाटा सेंटर स्थापित करने की योजना इसका बड़ा उदाहरण है। इसके साथ ही गूगल भारतीय स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी बढ़ा रहा है, जिससे देश में एआई आधारित नवाचार को नई गति मिलेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स व सेमीकंडक्टर निर्माण भारत की विनिर्माण अर्थव्यवस्था के प्रमुख चालक बन गए हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jan 21, 2026, 03:07 IST
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