'जिसे श लिखना नहीं आता, वह शिक्षा मंत्री, जिसे कुछ नहीं आता, वह CM', मुख्यमंत्री और मंत्रियों पर भड़के डोटासरा
राजस्थान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शनिवार शाम सीकर जिला कांग्रेस कार्यालय में छात्रों की गूंज अभियान के तहत आयोजित संवाद कार्यक्रम में भाजपा सरकार, मुख्यमंत्री और मंत्रियों पर जमकर निशाना साधा। छात्रों, शिक्षा व्यवस्था, सीकर के विकास और मास्टर प्लान जैसे मुद्दों को उठाते हुए डोटासरा ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। नई शिक्षा नीति की समीक्षा कावादा कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नई शिक्षा नीति में मौजूद विभिन्न विसंगतियों का मुद्दा उठाया। इस पर डोटासरा ने कहा कि यदि वर्ष 2028 में राजस्थान और 2029 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो नई शिक्षा नीति की समीक्षा कर छात्रों की जरूरतों के अनुरूप आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति का उद्देश्य छात्रों का भविष्य संवारना होना चाहिए, न कि उन्हें परेशान करना। छात्र आत्महत्या के मामलों पर सरकार को घेरा डोटासरा ने कोटा और अन्य शहरों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करना चाहिए। साथ ही पीड़ित परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की, ताकि वे इस दुख से उबरकर अपना जीवन बेहतर तरीके से जी सकें। सीकर मास्टर प्लान पर सरकार से पूछे सवाल सीकर के मास्टर प्लान को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के बयान का जवाब देते हुए डोटासरा ने कहा कि यदि सरकार को मास्टर प्लान लागू ही नहीं करना था, तो सीकर के 80 गांवों को यूआईटी क्षेत्र में शामिल क्यों किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण इन गांवों के विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और लोगों को मिलने वाली सुविधाएं भी बाधित हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि मास्टर प्लान की आवश्यकता नहीं है, तो सरकार उसे पूरी तरह समाप्त कर दे। यह भी पढ़ें:राजस्थान में 400 करोड़ का निवेश करेगा HPCL: 300 से ज्यादा नए पेट्रोल पंप होंगे शुरू; परियोजना को मिलेगी रफ्तार मुख्यमंत्री और मंत्रियों पर कसा तीखा तंज अपने संबोधन में डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और मुख्यमंत्री पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, 'जिसको 'श' लिखना नहीं आता, वह शिक्षा मंत्री है। जिसको 'उच्च' लिखना नहीं आता, वह उच्च शिक्षा मंत्री है और जिसको कुछ नहीं आता, वह मुख्यमंत्री है।'डोटासरा के इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि यूडीएच मंत्री रहते हुए भी सीकर को नगर निगम का दर्जा नहीं मिल पाया, तो इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। साथ ही मुख्यमंत्री से मांग की कि मंत्रियों के व्यवहार और कार्यशैली पर नियंत्रण किया जाए।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 28, 2026, 14:28 IST
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