Fact Check: बांग्लादेश के दीपू दास की हत्या के विरोध के पुराने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ किया जा रहा शेयर
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में कई लोग बांग्लादेश के झंडे को फाड़ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पश्चिम बंगाल का है, जहां स्थानीय मुस्लिम समुदाय बांग्लादेशी मुस्लिमों के विरुद्ध सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहाहै। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो का महाराष्ट्र का है। दरअसल, बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास नाम के एक हिंदू युवक की हत्या हुई थी। यह वीडियो उसी के विरोध का हैं। क्या है दावा सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल कामुस्लिम समुदाय बांग्लादेशी मुस्लिमों के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन कर रहाहै। रितिका (@Im_Ritikaa) नाम के एक्स यूजर ने लिखा,पश्चिम बंगाल के स्थानीय मुस्लिम समुदाय बांग्लादेशी मुस्लिमों के विरुद्ध सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। क्या इन पर भरोसा किया जा सकता है पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं। इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। पड़ताल इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें फेसबुक पोस्ट में वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 21 दिंसबर 2025 को साझा किया गया है। यहां बताया गया है कि यह शबनम शेख, महाराष्ट्र से है जो बांग्लादेश के जेहादी पीएम की तस्वीर और झंडा जलाकर भारत माता की जय बोल रही है,काश, सभी भारतीय मुस्लिम शबनम शेख जैसे होते। इसके बाद हमें prince_pandit_1998 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 21 दिंसबर 2025 को साझा किया गया है। यहां बताया गया है कि बांग्लादेश में एक हिंदू भाई को मारा गया और उसके बाद उसे नग्न करके उसको जला दिया गया। ये एक ऐसी घटना है जो मानवता को शर्मसार कर देतीहै। जिस प्रकार से बांग्लादेश में ये घटना घटी है वो देख कर शर्म आना चाहिए बांग्लादेश के प्रशासन और वहां के प्रधानमंत्री को,इस विषय पर हम सभी धर्मो के भाइयों ने मिलकर मानवता के नाते आगे आया और इस घटना का विरोध किया और बांग्लादेश का फ्लैग जलाया और वहा के प्रधानमंत्री का फोटो जलाकर विरोध जताया।ताकि बांग्लादेश का सोया हुआ प्रशासन और वहां के प्रधानमंत्री की आखे खुले और आरोपियों को कड़ी सजा दी जाए ताकि आगे से ऐसा कोई घटना ना हो। आगे की पड़ताल में हमने बांग्लादेश में युवक की हत्या की पड़ताल के लिए अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 22 दिंसबर 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बांग्लादेश में भीड़ द्वारा ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डाले गए हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के मामले में खुलासा हुआ है कि दीपू चंद्र द्वारा ईशनिंदा करने का कोई सबूत नहीं मिला है। हाल ही में बांग्लादेश के मयमनसिंह के भालुका इलाके में दीपू चंद्र दास की गुस्साई भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और उसके शव को आग लगा दी थी और नारेबाजी की। इस बर्बर घटना का वीडियो भी सामने आया था। पड़ताल का नतीजा हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को छह महीना पुराना पाया है। इसे भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: May 13, 2026, 14:52 IST
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