Explainer: एक मक्खी ले सकती है 15 साल से कम उम्र के बच्चों की जान, कैसे फैलता है चांदीपुरा वायरस, लक्षण क्या?
राजस्थान और गुजरात में चांदीपुरा वायरस ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। बच्चों में तेजी से गंभीर रूप लेने वाला यह संक्रमण सैंड फ्लाई के जरिए फैल सकता है और कुछ मामलों में महज दो-तीन दिनों में जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में सवाल है कि आखिर चांदीपुरा वायरस क्या है बच्चों को इससे ज्यादा खतरा क्यों है और मानसून में इसके मामले बढ़ने की आशंका क्यों रहती है जानिए इससे जुड़े अहम सवालों के जवाब क्या है ताजा मामला राजस्थान में 2026 में चांदीपुरा वायरस संक्रमण का पहला मामला डूंगरपुर जिले में सामने आया। रतनपुरा गांव की बच्ची को 12 जुलाई को तेज बुखार और दूसरे गंभीर लक्षणों के बाद गुजरात के हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 15 जुलाई को उसके नमूने जांच के लिए भेजे गए, लेकिन उसी दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव लौट आए। उस समय स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को मामले की जानकारी नहीं मिल पाई थी। बाद में हिम्मतनगर अस्पताल ने जांच से जुड़ी जानकारी गुजरात स्वास्थ्य विभाग को भेजी। मरीज के डूंगरपुर निवासी होने के कारण गुजरात सरकार ने राजस्थान स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी। 18 जुलाई को जानकारी मिलने के बाद डूंगरपुर स्वास्थ्य विभाग ने रतनपुरा गांव में विशेष सर्वे और स्वास्थ्य जांच अभियान शुरू किया। स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान किसी दूसरे व्यक्ति में चांदीपुरा वायरस जैसे लक्षण नहीं मिले। एहतियात के तौर पर गांव में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 26, 2026, 13:57 IST
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