Holi: यहां दिखेगी पुरनकी होली...फागुन की मस्ती संग फगुआ की तान, चैता और कबीरा का गायन भी; तैयारी पूरी
Holi: आधुनिकता और डीजे संस्कृति के दौर में जहां होली का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, वहीं सगड़ी तहसील क्षेत्र के घाघरा (लाटघाट) गांव में आज भी पारंपरिक फगुआ की परंपरा जीवित है। यहां होली से पहले, होलिका दहन की रात और होली के दिन गांव में घर-घर घूमकर फगुआ, चैता और कबीरा गाने की परंपरा निभाई जाती है। गांव में आज भी 'रंग बरसे फगुनवा होली में, ब्रह्मा जी भींगे, विष्णु जी भींगे, शंकर जी मस्त भांग गोली में' से गांव की गलियां गूंजती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पहले बसंत पंचमी से ही फगुआ गाने का सिलसिला शुरू हो जाता था। लोग हरमोनिया, ढोलक, झाल-मजीरा लेकर टोली बनाकर गांव में घूमते थे।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 28, 2026, 21:35 IST
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