Himachal News: हाईकोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी, कहा- आर्थिक तंगी पेंशन रोकने का बहाना नहीं बन सकती
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पेंशन भुगतान को लेकर निगमों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय संकट या आर्थिक तंगी का बहाना बनाकर किसी भी कर्मचारी या उसके कानूनी वारिसों को उनके सांविधानिक व कानूनी पेंशन अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने दुख जताते हुए कहा कि लगभग दो दशकों के बाद भी निगमों का रवैया नहीं बदला है और वे आर्थिक तंगी का राग अलाप रहे हैं। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ये कॉर्पोरेशन सफेद हाथी बन चुके हैं या फिर हकदार लोगों को पेंशन देने की उनकी नीयत ही नहीं है। अदालत ने आदेश दिया कि दिवंगत जयराम धीमान की सेवानिवृत्ति से मृत्यु तक की बकाया पेंशन और उसके बाद की बकाया फैमिली पेंशन का भुगतान याचिकाकर्ताओं (वारिसों) को 3 महीने के भीतर किया जाए। निर्धारित 3 महीने की अवधि में भुगतान न करने की स्थिति में याचिका दायर करने की तिथि से 6 फीसदी वार्षिक ब्याज भी देना होगा। अदालत ने दिवंगत पत्नी राज की ओर से उनके बच्चों (वंदना व अन्य) द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। गौरतलब है कि याचिकाकर्ता के पिता जयराम धीमान (उत्पादन प्रबंधक) ने 24 सितंबर 2001 को निगम से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। उस समय हिमाचल प्रदेश कॉर्पोरेट सेक्टर एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम 1999 लागू थी।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 21, 2026, 22:01 IST
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