UP: हाईकोर्ट का आदेश- संपूर्णानंद विवि के डॉ.पद्माकर मिश्र अब 62 साल में होंगे सेवानिवृत्त, पदोन्नति भी बरकरार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के विक्रय अधिकारी पद से डायरेक्टर प्रकाशन पद पर डॉ.पद्माकर मिश्र की पदोन्नति को सही माना है। डॉ. मिश्र को यह पदोन्नति एक शासनादेश के आधार पर कार्यकारिणी परिषद के प्रस्ताव के बाद विवि के कुलसचिव के आदेश से मिली थी। ऐसे में अब वह 62 साल में सेवानिवृत्त होंगे। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने दिया है। डॉ.पद्माकर मिश्र 18 अगस्त 1998 को विवि के विक्रय अधिकारी पद पर नियुक्त हुए थे। 2003 के शासनादेश से उन्हें डायरेक्टर शिक्षण शोध एवं प्रकाशन पद पर पदोन्नति दी गई। 2019 में बताया गया कि 2003 का शासनादेश फर्जी था। ऐसे में पदोन्नति भी रद्द कर दी गई तो उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने कहा कि 2003 के शासनादेश से याची की पदोन्नति हुई थी। इसमें याची ने कोई धोखाधड़ी नहीं की है। शासन ने डायरेक्टर प्रकाशन की सेवानिवृत्ति आयु 62 साल की है। इसलिए याची 62 साल की आयु तक कार्यरत रहने का हकदार है। यदि विश्वविद्यालय कोई प्रतिकूल आदेश जारी करता है तो याची को नोटिस देकर ही जारी करे।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 29, 2025, 13:10 IST
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