Heatwave Safety Tips For Kids: नौतपा में भूलकर भी न करें ये गलतियां, बच्चे हो सकते हैं बीमार

Nautapa Me Bachho Ko LooSe Kaise Bachaye: नौतपा शुरू होते ही उत्तर भारत समेत कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचने पर सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ता है, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी और शरीर का तापमान कंट्रोल सिस्टम बड़ों की तुलना में कमजोर होता है। ऐसे मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बच्चों को डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और तेज बुखार जैसी गंभीर समस्याओं तक पहुंचा सकती है। आजकल डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञभी लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि दोपहर के समय बच्चों को बाहर खेलने भेजना खतरनाक साबित हो सकता है। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और छोटे शिशुओं को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। कई अभिभावक को यह समझ नहीं आता कि गर्मी में बच्चों को क्या खिलाएं, कौन से कपड़े पहनाएं और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आप भी नौतपा के दौरान अपने बच्चे को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो यह लेख आपके काम आ सकता है।यहां हम बताएंगे लू से बचाव के आसान घरेलू उपाय, जरूरी सावधानियां, डॉक्टरों की सलाह और वे संकेत जिन्हें देखकर तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। नौतपा में बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी टिप्स दोपहर की धूप से बच्चों को दूर रखें सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर न भेजें। स्कूल से लौटने के बाद तुरंत आराम करवाएं। पार्क या आउटडोर गेम्स शाम के समय ही करवाएं। धूप में निकलना जरूरी हो तो टोपी और छाता इस्तेमाल करें। छोटे बच्चों को गर्म गाड़ियों में बिल्कुल न छोड़ें। बच्चों को बार-बार पानी और ORS दें हर थोड़ी देर में पानी पिलाते रहें। नारियल पानी और नींबू पानी फायदेमंद है। ज्यादा पसीना आने पर ORS जरूर दें। कोल्ड ड्रिंक और ज्यादा मीठे पेय से बचाएं। तरबूज, खीरा और खरबूजा जैसी चीजें खिलाएं। हल्के और सूती कपड़े पहनाएं बच्चों को ढीले और कॉटन कपड़े पहनाएं। गहरे रंग के कपड़ों से बचें। ज्यादा टाइट कपड़े शरीर का ताप बढ़ाते हैं। बाहर जाते समय सनग्लास और कैप पहनाएं। पसीना होने पर तुरंत कपड़े बदलें। खाने में हल्की और ठंडी चीजें शामिल करें दही, छाछ और मौसमी फल खिलाएं। तला-भुना और मसालेदार खाना कम दें। घर का ताजा खाना ही खिलाएं। बाहर का जंक फूड गर्मी में नुकसान पहुंचा सकता है। बच्चे को भूखा बिल्कुल न रखें। लू लगने के संकेत पहचानना बेहद जरूरी तेज बुखार और लगातार पसीना आना। उल्टी, चक्कर या कमजोरी महसूस होना। बच्चा ज्यादा सुस्त या चिड़चिड़ा हो जाए। शरीर गर्म और मुंह सूखने लगे। ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पढ़ें हर सवाल का जवाब माता पिता के मन में बच्चों को लू से बचाने को लेकर कई सवाल होते हैं। अगर आपके मन में भी नीचे दिए जा रहे सवाल हैं तो जवाब यहां जानिए। बच्चों को लू सबसे ज्यादा कब लगती है दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच गर्म हवाओं के कारण लू लगने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। बच्चों को गर्मी में क्या पिलाना चाहिए पानी, ORS, नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ बच्चों के लिए सबसे फायदेमंद माने जाते हैं। क्या AC में रहने वाले बच्चों को भी लू लग सकती है हां, अगर बच्चा अचानक तेज धूप में निकल जाए तो तापमान में बदलाव की वजह से लू लग सकती है। बच्चों में डिहाइड्रेशन के क्या संकेत हैं मुंह सूखना, कमजोरी, चक्कर आना, कम पेशाब होना और सुस्ती डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं। लू लगने पर सबसे पहले क्या करें बच्चे को ठंडी जगह पर लिटाएं, शरीर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 26, 2026, 17:35 IST
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