गुरदासपुर पुलिस हत्याकांड: मास्टरमाइंड इंद्रजीत गिरफ्तार, एनकाउंटर और पाकिस्तानी कनेक्शन पर गरमाई सियासत
पंजाब के गुरदासपुर के गांव आदियां में दो पुलिस जवानों की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने घटना के मुख्य मास्टरमाइंड और तीसरे आरोपी इंद्रजीत सिंह को अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया गया। इसकी पुष्टि गुरदासपुर के एसएसपी आदित्य ने की है। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात हुई इस सनसनीखेज वारदात ने न केवल पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे, बल्कि अब इसमें पाकिस्तानी हैंडलर्स की संलिप्तता सामने आने से मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ता नजर आ रहा है। एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की हत्या के बाद से ही पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही थी। डीआईजी बॉर्डर रेंज और जिला पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन के बाद इंद्रजीत सिंह को अमृतसर के गुप्त ठिकाने से काबू किया गया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, इंद्रजीत ही वह कड़ी है जो सीमा पार बैठे चाचा नामक पाकिस्तानी व्यक्ति के सीधे संपर्क में था। इस मामले में सबसे पहले गिरफ्तार हुए आरोपी दिलावर सिंह (निवासी अलीनांगल) ने आज मीडिया के सामने इस पूरी साजिश की परतें खोली हैं। दिलावर मेडिकल करवाने आया था जिसके अनुसार, हत्या की साजिश इंद्रजीत और रंजीत सिंह (जो एनकाउंटर में मारा गया) ने रची थी। दिलावर को केवल आरोपियों को मौके से सुरक्षित निकालने (पिकअप करने) के लिए 20,000 रुपये का वादा किया गया था, लेकिन उसे केवल 3,000 रुपये ही मिले। दिलावर ने स्पष्ट किया कि नाके पर तैनात जवानों पर गोलियां इंद्रजीत और रंजीत ने ही चलाई थीं। एक तरफ पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है, वहीं बुधवार को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आरोपी रंजीत सिंह की मौत पर राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है। शुक्रवार को विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक अरुणा चौधरी, बरिंदमीत पाहड़ा व अन्यों ने मृतक रंजीत के परिजनों से मुलाकात की और इस एनकाउंटर को कथित रुप में फर्जी करार देते हुए परिवार के साथ उच्च स्तर की जांच की मांग। सीटिंग जज से जांच की मांग प्रताप सिंह बाजवा ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच किसी सीटिंग जज से करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार को पंजाब पुलिस की निष्पक्षता पर भरोसा नहीं है, इसलिए पोस्टमार्टम जिले से बाहर और वीडियोग्राफी के साथ होना चाहिए। वहीं, सांसद रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि शुरुआत में इस घटना को पुलिसकर्मियों की आपसी लड़ाई बताया गया था, जो गुमराह करने वाली सूचना थी। उन्होंने गलत जानकारी देने के लिए एसएसपी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। तीन दिन से नहीं हुआ पोस्टमार्टम इधर, अस्पताल में रंजीत सिंह के शव का पोस्टमार्टम लगातार तीसरे दिन भी नहीं हो सका। मृतक के परिजन डॉक्टरों के विशेष बोर्ड और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रशासन और परिजनों के बीच इस मुद्दे पर अभी तक कोई सर्वसम्मति समझौता नहीं हो पाया है, जिसके चलते स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कौन है चाचा, जांच एजेंसियां पता लगाने में जुटी इस हत्याकांड ने पंजाब में सीमा पार से संचालित हो रहे स्लीपर सेल्स और छोटे अपराधियों के इस्तेमाल की ओर इशारा किया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि चाचा कौन है और उसने इन स्थानीय युवकों को पुलिस पर हमला करने के लिए क्यों उकसाया।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 27, 2026, 19:44 IST
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