Gullak: सपनों और खुशियों का ठिकाना गुल्लक , सात साल बाद भी इन वजहों से अपनी-सी लगती है सीरीज की कहानी

एक गुल्लक सिर्फ पैसे रखने के लिए नहीं होती थी, यह घर की उन छोटी-छोटी ख्वाहिशों का ठिकाना होती थी, जिन्हें पूरा करने की जल्दी नहीं रहती है। उसमें गिरने वाला हर सिक्का कोई न कोई सपना साथ लिए होता है। कभी नई साइकिल का, कभी पिकनिक का, तो कभी बिना किसी वजह के कुछ खरीद लेने का। धीरे-धीरे सिक्कों की खनक बढ़ती जाती थी और उसके साथ उम्मीदें भी बढ़ने लगती हैं। अगर इन्हीं बातों को भावनाओं में बदल दिया जाए तो सीरीज गुल्लक की कहानी सामने आती है। कहानी में नजर आने वाला मध्यवर्गीय मिश्रा परिवार हमें अपना सा लगता है। उनके सपने, खुशियां, झगड़े से अलग सा रिश्ता महसूस होने लगता है।27 जून 2019 को पहली बार सीरीज 'गुल्लक' दर्शकों की जिंदगी का हिस्सा बनी थी। सीरीज में जमील खान, गीतांजलि कुलकर्णी, वैभव राज गुप्ता, हर्ष मायर और सुनीता राजवार जैसे उम्दा कलाकार नजर आए थे। यहां जानिए, सात साल बाद भी यह सीरीज और इसकी कहानी क्यों अपनी सी लगती है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 26, 2026, 15:53 IST
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