उज्जैन में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम: 3 दिन तक होगा रावण दहन, भव्य रूप में निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी
नवरात्रि की पूर्णता और विजयादशमी के पावन अवसर पर धर्मनगरी उज्जैन में उत्साह और उल्लास का माहौल है। इस बार शहर में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। एक ओर तीन दिनों तक विभिन्न स्थानों पर रावण दहन के भव्य आयोजन होंगे, वहीं दूसरी ओर भगवान श्री महाकालेश्वर की पारंपरिक सवारी नए शहर के मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगी। दोनों आयोजनों को लेकर शहरवासियों में खासा उत्साह है। 101 फीट के वाटरप्रूफ रावण का होगा दहन उज्जैन में दशहरे पर परंपरा के अनुसार लगातार तीन दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा। शहर की सबसे पुरानी ओम अमरनाथ दशहरा आयोजन समिति ने इस वर्ष 101 फीट ऊंचा वाटरप्रूफ रावण तैयार किया है, ताकि बारिश होने की स्थिति में भी दहन के आयोजन में बाधा न आए। समिति की ओर से दिवंगत ओम अमरनाथ खत्री की स्मृति में एक लाख रुपये का पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार वितरण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी प्रस्तावित है। आज कहां-कहां होगा रावण दहन कार्तिक मेला मैदान: शाम 6:30 बजे, 101 फीट का पुतला दशहरा मैदान: शाम 7 बजे, 101 फीट का वाटरप्रूफ रावण उन्हैल चौराहा: रात 8 बजे, 101 फीट का पुतला हीरामिल रोड: रात 8 बजे, 51 फीट का पुतला बुधवार को इन स्थानों पर होगा आयोजन भैरवगढ़ सिद्धवट मैदान: रात 8 बजे खाकचौक: रात 8:30 बजे, 51 फीट का पुतला शास्त्री नगर मैदान: रात 9 बजे, 101 फीट का चलित पुतला डालडा मैदान: रात 9:30 बजे, 101 फीट का पुतला रावण दहन के आयोजनों का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहेगा। इस दिन जालसेवा स्कूल मैदान में रात 8 बजे सतरंगी रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। ये भी पढ़ें:इंदौर: इंदौर में होगा मंगलवार को रावण दहन, मुख्यमंत्री करेंगे डीआरपी लाइन में करेंगे शस्त्र पूजन बाबा महाकाल की सवारी पर ड्रोन से होगी फूलों की वर्षा विजयादशमी के अवसर पर भगवान श्री महाकालेश्वर की पारंपरिक सवारी अपराह्न 4 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप से शुरू होगी। मंदिर के मुख्य द्वार पर मध्यप्रदेश सशस्त्र पुलिस बल भगवान श्री मनमहेश जी को सलामी देगा। इसके बाद सवारी शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगी, जहां शमी वृक्ष और भगवान श्री मनमहेशजी का पूजन किया जाएगा। सवारी मंदिर से निकलकर गुदरी चौराहा, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, सराफा, सतीगेट, नई सड़क, दौलतगंज, मालीपुरा, देवासगेट, चामुंडा चौराहा, टॉवर मार्ग, शहीद पार्क, घास मंडी, माधवनगर अस्पताल, पुलिस कंट्रोल रूम और एलआईसी कार्यालय होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगी। पूजन के बाद सवारी श्री गंगा होटल मार्ग, देवास रोड, तीन बत्ती चौराहा, माधव क्लब रोड, फ्रीगंज ओवरब्रिज, देवासगेट, इंदौर गेट, हरिफाटक ब्रिज, बेगमबाग और कोट मोहल्ला चौराहे से होते हुए वापस श्री महाकालेश्वर मंदिर लौटेगी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी आकर्षण सवारी का प्रमुख आकर्षण भगवान की पालकी पर ड्रोन के माध्यम से 500 किलो फूलों की वर्षा होगी। इसके अलावा पूरे मार्ग पर लगभग एक लाख वर्ग फीट क्षेत्र में आकर्षक रंगोली बनाई जाएगी और लाइव पेंटिंग भी की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांच एलईडी रथों के माध्यम से सवारी का सीधा प्रसारण किया जाएगा। सवारी में 10 आदिवासी जनजातीय नृत्य दल, 10 भजन मंडलियां, श्री महाकालेश्वर मंदिर बैंड, पुलिस बैंड और रजत ढोल वादन दल शामिल होंगे। इसके साथ ही 300 वैदिक बटुक मंत्रोच्चार करेंगे। विजयादशमी पर रावण दहन के भव्य आयोजनों और बाबा महाकाल की सवारी के साथ उज्जैन में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और उत्सव का विशेष माहौल देखने को मिलेगा। बाबा महाकाल ओर रावण का पुतला बाबा महाकाल ओर रावण का पुतला बाबा महाकाल ओर रावण का पुतला
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 20, 2026, 07:18 IST
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