कॉलेज बंद होने की सूचना पर छात्रों ने किया हंगामा

कॉलेज बंद होने की सूचना पर छात्रों ने किया हंगामासाहिबाबाद। घाटे में चल रहे साइट फोर स्थित इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कालेज प्रबंधन ने स्थायी तौर पर कॉलेज को बंद करने का फैसला लिया है। इसकी सूचना मिलने पर बृहस्पतिवार सुबह 200 से अधिक विद्यार्थी कॉलेज गेट पर पहुंचे और हंगामा करने लगे। तख्ती और बैनर लेकर पहुंचे विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने प्रबंधन और विद्यार्थियों की बात कराई तब जाकर छात्र शांत हुए। सोमवार को फिर वार्ता होगी।विद्यार्थियों का आरोप है कि प्रबंधन ने उन्हें बिना बताए बंदी का फैसला लिया गया है। इससे उनकी डिग्री, पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित होगी। विद्यार्थियों ने कहा कि पिछले दिनों प्रथम वर्ष के कई शिक्षक भी त्यागपत्र दे चुके हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। वहीं, विद्यार्थी लिखित में प्लेसमेंट और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर रखने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस प्रबंधन ने विद्यार्थियों को समझा बुझाकर कालेज परिसर के अंदर किया और बाद में मैनेजमेंट के साथ वार्ता हुई। करीब तीन घंटे तक विद्यार्थी अपना विरोध जताते रहे। हंगामा बढ़ने पर सीओ अंशु जैन और एसडीएम विनय कुमार भी मौके पर पहुंचे। सीओ और एसडीएम की मौजूदगी में कालेज प्रबंधन ने छात्रों की मांग पूरी करने और सोमवार को फिर से प्रबंधन की छात्रों एवं उनके अभिभावकों से बातचीत करने का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर एक बजे विद्यार्थियों ने प्रदर्शन खत्म किया। प्रदेश के अच्छे कालेजों में था शुमारवर्ष 2000 में कालेज की स्थापना हुई थी। कालेज की गिनती प्रदेश के बेहतर कालेजों में होती है, बेहतर प्रबंधन एवं शिक्षा के लिए कई पुरस्कार भी प्रबंधन को मिल चुके हैं। प्रत्येक वर्ष एक हजार सीटों पर दाखिले की मारामारी रहती थी। कालेज में बीटेक में सीएस, आईटी, एआईएमएल, ईसीई आदि कोर्स संचालित हो रहे हैं। वहीं बीते वर्षों में सभी सीटों पर दाखिला न होने से प्रबंधन नुकसान में चल रहा है। ऐसे में प्रबंधन ने कालेज साल 2024-25 सत्र में बंद करने का निर्णय लिया है।वर्तमान में हैं 2410 विद्यार्थीवर्तमान में कॉलेज के चारों वर्ष मिलाकर 2410 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। सत्र 2021-22 के लिए बीटेक में 572 छात्र-छात्राओं का दाखिला हुआ जबकि कालेज में बीटेक प्रथम वर्ष में 900 सीट हैं। बोले निदेशकबीते वर्षों में कालेज में सीट के मुकाबले पंजीकरण कम हुए हैं। काउंसिलिंग के जरिए पिछले वर्ष 100 विद्यार्थियों का ही दाखिला हुआ था। छात्रों की संख्या लगातार कम होने से कॉलेज स्टाफ के खर्च और मेंटेनेंस का खर्च उठाने में परेशानी आ रही है। इसके चलते कालेज को 2025 के बाद बंद करने का निर्णय लिया गया है। छात्रों को कोर्स खत्म होने तक हर सुविधा देना कॉलेज की जिम्मेदारी है और प्रबंधन इसे पूरा करेगा। - डॉ. अजय कुमार, डायरेक्टर

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 03, 2022, 00:51 IST
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