एसएसआई ने दिखाए साक्ष्य एसएसपी ने एसएचओ को भी किया निलंबित

एसएसआई ने दिखाए साक्ष्य एसएसपी ने एसएचओ को भी किया निलंबितगाजियाबाद। सिहानी गेट थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में मंगलवार को 10वीं की छात्रा द्वारा मनचले से परेशान होकर जहर खाने के मामले की एसएचओ सौरभ विक्रम सिंह ने भी लापरवाही की थी। सूचना होने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज न करने और मनचले की गिरफ्तारी न करने पर एसएसपी ने शनिवार को एसएचओ को भी निलंबित कर दिया है। इस मामले में एसएसपी ने शुक्रवार को सिहानी गेट थाने के एसएसआई प्रभाकर सिंह और पुराना बस अड्डा चौकी प्रभारी नागेंद्र सिंह को निलंबित किया था। एसएसआई प्रभाकर सिंह ने अपने बचाव में शनिवार को एसएसपी के सामने साक्ष्य पेश किए। जिसके बाद एसएसपी ने कार्रवाई की।बीते मंगलवार को छात्रा ने जहर खाया था। रात को परिजनों को जब छात्रा कमरे में बेहोश मिली तो उन्होंने अस्पताल में भर्ती कराया और पुलिस भी सूचना दी थी। वहीं बुधवार सुबह नौ बजे परिजनों ने तहरीर पुलिस को दे दी थी। इसकी सूचना एसएचओ को थी। तहरीर मिलने के बाद भी पुराना बस अड्डा चौकी प्रभारी और एसएचओ सिहानी गेट ने कार्रवाई नहीं की। एसएचओ बुधवार को अवकाश पर चले गए। उनकी रवानगी बुधवार को थाने में करीब पांच बजे की दर्ज थी। वह बुधवार दोपहर ही एसएसआई को सरकारी मोबाइल नंबर सौंपकर रवाना हो गए थे।खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आई थी पुलिसगुरुवार को समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद डीजीपी ने एसएसपी को फोन कर मामले की जानकारी की। इस पर एसएसपी ने सीओ सेकेंड को फोन कर जानकारी मांगी। उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी। इस पर एसएसपी ने फटकार लगाई तो सीओ और एसएसआई ने अस्पताल जाकर छात्रा के बयान लिए और रिपोर्ट दर्ज कर मनचले को गिरफ्तार किया था।निलंबित होने के बाद एसएसआई ने खुद को निर्दोष बतायाएसएसआई प्रभाकर सिंह ने अपने बचाव में शनिवार को एसएसपी के सामने साक्ष्य पेश किए। एसएसआइ प्रभाकर सिंह ने एसएसपी से मिलकर बताया कि छात्रा के जहर खाने की सूचना मिलने के शुरुआती करीब 18 घंटे तक एसएचओ थाने पर ही मौजूद थे। उन्होंने ही चौकी प्रभारी को छानबीन करने के लिए कहा था। इसलिए एसएचओ की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। प्रभाकर ने खुद को निर्दोष बताया।सीओ ने रिपोर्ट में एसएचओ की रवानगी का नहीं लिखा था समयएसएसपी ने सीओ सिहानी गेट आलोक दुबे की रिपोर्ट पर एसएसआई और चौकी प्रभारी को निलंबित करने की कार्रवाई की थी। इस पर सवाल उठ रहे हैं। एसएसआई ने कहा कि सीओ ने एसएचओ की रवानगी का समय नहीं लिखा।यह था मामला31 मई को छात्रा ने पड़ोस के रहने वाले नितेश से परेशान होकर जान की देने की कोशिश की थी। परिजनों का आरोप है कि वह उनकी बेटी के साथ स्कूल आते-जाते छेड़छाड़ करता है और शादी करने का दबाव बना रहा है। उन्होंने इसकी शिकायत उसके परिवार से भी लेकिन वह बाज नहीं आया।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 05, 2022, 00:48 IST
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