घल्लूघारा दिवस सिख शहादत, संघर्ष और अस्मिता का प्रतीक : डॉ. सुरेश सेतिया
गोहाना। पुराना बस स्टैंड स्थित सत नगर के सचखंड गुरुद्वारा में सुखमणि सोसाइटी के तत्वावधान में घल्लूघारा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. सुरेश सेतिया ने कहा कि घल्लूघारा का मूल अर्थ कत्लेआम, नरसंहार या महाविनाश होता है और यह सिख इतिहास में दर्द, बलिदान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि छोटा घल्लूघारा में 1746 में लाहौर के गवर्नर याहिया खान द्वारा सिखों का कत्लेआम कराया गया था जबकि बड्डा घल्लूघारा में 1762 में अहमद शाह अब्दाली के हमले में लगभग 25 हजार सिख मारे गए थे। उन्होंने कहा कि तीसरा घल्लूघारा 6 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान श्री हरमंदिर साहिब और अकाल तख्त पर हुए हमले की स्मृति में याद किया जाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंजू सचदेवा ने की। इस अवसर पर आजाद सिंह दांगी, हर भगवान चोपड़ा, सुषमा सेतिया, उधम सिंह, मनोज कुमार, बिजेंदर सैनी, तनु, रेशु और संगीता मौजूद रहे।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 06, 2026, 20:51 IST
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