दोस्त पुलिस: व्यक्ति को देखकर नहीं, उसके व्यवहार से पहचानिए

नोट: दोस्त पुलिस का निर्धारित लोगो जरूर लगाए-------------------------------------------------------------गंगानगर थाने में द ऐवेन्यू पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने किया भ्रमणछात्राएं बोलीं, स्टेशन में आकर पुलिस के प्रति डर खत्म हुआफोटो संवाद न्यूज एजेंसीगंगानगर। अमर उजाला फाउंडेशन के कार्यक्रम दोस्त पुलिस में मंगलवार को दी एवेन्यू पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने गंगानगर थाने का भ्रमण किया। उन्होंने थाने में शिकायत करने से लेकर अपराधी के जेल जाने की प्रक्रिया के बारे में जाना। महिला उप निरीक्षक मोनिका ने छात्राओं से बैड टच के बारे में कहा, गलत व्यक्ति हमेशा अजनबी ही नहीं होता। वह आपका दोस्त, पड़ोसी, रिश्तेदार कोई भी हो सकता है। व्यक्ति को देखकर नहीं, उसके व्यवहार को देखकर पहचानिए। छात्राओं को साइबर क्राइम, आपराधिक घटनाओं के बारे में विस्तार से बताया।मंगलवार सुबह 9 बजे कॉर्डीनेटर अनुपमा चौहान के साथ दी एवेन्यू पब्लिक स्कूल गंगानगर की 30 छात्राएं थाना गंगानगर पहुंची। वहां महिला उप निरीक्षक मोनिका और कांस्टेबल मौसम सैनी ने छात्राओं को थाने का भ्रमण कराया। छात्राओं को हेल्प डेस्क दिखाई, उन्हें बताया शिकायत करने वाला सबसे पहले हेल्प डेस्क पर आएगा। महिला संबंधित शिकायत को मिशन शक्ति केंद्र में सुना जाता है। साइबर क्राइम से जुड़ी शिकायत है तो साइबर हेल्प डेस्क पर रेफर करते हैं। छात्राओं को मुख्य कार्यालय दिखाया, जहां एफआईआर दर्ज की जाती है।छात्राओं को बताया अब एफआईआर ऑनलाइन होती है। अपनी एफआईआर कार्यालय से या यूपी कॉप ऐप से डाउनलोड कर सकते हैं। उप निरीक्षक ने हेल्पलाइन नंबर डायल-112, 1090 और 1930 के बारे में बताया। घरेलू विवाद के बारे में बताया परामर्श केंद्र में काउंसलिंग कर निपटारे की कोशिश की जाती है। छात्राओं को छेड़छाड़, बैड टच के बारे में बताया। कोई भी परेशानी हो अपने माता-पिता, परिजन, शिक्षक या पुलिस से शिकायत करें। उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार ने पुलिस रैंक और उनकी पहचान के तरीके बताए। वहीं, पुलिस विभाग में एंट्री को लेकर जानकारी दी। इस मौके स्कूल की शिक्षक श्वेता वत्स, निशा गौतम और आशीष रावत का सहयोग रहा।फॉलोअर, व्यूअर्स के चक्कर में न फंसेपुलिस ने बताया सोशल साइट पर फॉलोअर, व्यूअर्स बढ़ाने के चक्कर अपनी निजी जानकारी, फोटो ज्यादा शेयर न करें, अनजान मैसेज का रेस्पॉन्ड न करें। ऑनलाइन फ्रॉड, ब्लैकमेलिंग, स्टॉकिंग होने पर तुरंत साइबर क्राइम में शिकायत करें, शिकायत से जुड़े स्क्रीनशॉट, मैसेज, कॉल, वीडियो, लिंक्स को संभाल कर रखें।छात्राओं से बातचीत -महिला सुरक्षा के लिए क्या करें - आरती -12वींअपने शरीर, इमेज, सीमा के प्रति सतर्क रहें। अगर सुरक्षा से जुड़ा कोई अपराध हो जाता है तो उसे छिपाएं नहीं, तुरंत अभिभावकों, स्कूल टीचर, पुलिस को थाने आकर या हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क करें।--क्या शिकायत ही एफआईआर है - सनुबिया - 12वीं शिकायती पत्र, तहरीर पुलिस के सामने समस्या रखने का माध्यम है। पुलिस जांच के बाद अपने रिकॉर्ड में दर्ज करना एफआईआर कहलाती है। इसलिए हर शिकायत एफआईआर नहीं होती।---किस काम के लिए कौन सा हेल्पलाइन नंबर डायल करें- लवी-12वींमुख्य नंबर डायल-112 हैं इसके अलावा साइबर क्राइम, फ्रॉड होने पर 1930, वुमेन से जुड़े सभी अपराध 1090 पर कॉल कर बता सकते हैं। आपको तुरंत मदद की जाती है।--ऐसा हो सकता है कि शिकायत करने वाली की पहचान उजागर न हो - कनक-12वींहां, बिल्कुल, महिला शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाती है। अगर आप पीड़ित हैं और थाने भी नहीं आना चाहती तो सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचकर संपर्क कर सकते हैं। ----------------------------

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 30, 2026, 18:29 IST
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