Hamirpur: हत्या के मामले में पिता-पुत्र समेत परिवार के पांच लोगों को आजीवन कारावास
डकैती कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार की अदालत ने मंगलवार को हत्या के मामले में फैसला सुनाया है। दोषी पिता-पुत्रों समेत एक परिवार के पांच लोगों को आजीवन कारावास व पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के मणिकर्ण शुक्ल व सुभाष कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि राठ कोतवाली क्षेत्र के मवई गांव में 27 नवंबर 2021 को हुई घटना में अर्जुन की मौत हो गई थी जबकि दो भाई घायल हुए थे। मामले में न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार की अदालत ने सजा के बिंदुओं पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। धीरेंद्र, वीरसिंह, रामकिशोरी, रामभरत व शत्रुघन को आजीवन कारावास व पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक वर्ष अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा धारा 307/149 में पांचों को दस-दस साल की सजा व दो-दो हजार रुपये अर्थदंड लगाया। धारा 504,506, 147 व 148 में अलग अलग दो-दो साल की सजा सुनाई। सभी में पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया है। 21 फरवरी को दिया था दोषी करार न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने पांच साल पुराने हत्या, जान से मारने के प्रयास समेत अन्य धाराओं के मामले में शनिवार 21 फरवरी 2026 को सुनवाई के दौरान आरोपियों को दोषी करार दिया था। साक्ष्य, गवाहों के बयानों के आधार पर धीरेंद्र, वीरसिंह, रामकिशोरी, रामभरत व शत्रुघन को धारा 147, 148, 307/149, 302/149 व 504,506 में दोषी करार दिया था। वहीं संपत रानी पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए दोष मुक्त कर दिया। सुनवाई के दौरान आरोपी अरविंद की मौत हो चुकी है। घटना के एक दिन बाद पुलिस ने दर्ज की थी प्राथमिकी राठ क्षेत्र के मवई गांव निवासी चंद्रकरन पुत्र भागीरथ ने 27 नवंबर को राठ कोतवाली पुलिस को एक शिकायती पत्र दिया था। इसमें बताया था कि 27 नवंबर 2021 को भाई अर्जुन (27) सरोवर (50) व धर्मपाल (42) खेत पर बने मकान में जानवरों की देखभाल कर रहे थे। इसी दौरान गांव के धीरेंद्र, वीरसिंह, अरविंद पुत्रगण रामकिशोरी के अलावा रामकिशोरी व रामभरत पुत्र बृजलाल, शत्रुघन पुत्र रामभरत एवं संपत रानी पत्नी रामकिशोरी ने हसिया व कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में तीनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। राठ क्षेत्र के धमना गांव निवासी साले रविंद्र के साथ भाई बृजकिशोर खेत पर भाइयों को खाना देने जा रहे थे। उन्होंने जब विरोध किया तो आरोपी धमकी देते हुए भाग गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से तीनों घायलों को रेफर किया गया था। अर्जुन को उरई मेडिकल कॉलेज ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दो अन्य घायलों का झांसी में उपचार हुआ। 28 नवंबर 2021 को नामजद सभी सात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 24, 2026, 15:52 IST
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