बरकई में तीन साल बाद फिर महापर्व: 23 मई को हजारों लोग तालाब में उतरेंगे, ओडिशा के मेहमान भी होंगे शामिल
कोंडागांव जिले के ग्राम बरकई में इस शनिवार, 23 मई 2026 को भव्य बंधा मातौर (तालाब महोत्सव) का आयोजन होने जा रहा है। तीन साल के इंतजार के बाद एक बार फिर इस ऐतिहासिक परंपरा को जीवंत किया जाएगा, जिसमें जिले भर के लोग एकजुट होकर सामूहिक मछली पकड़ने के इस अनूठे उत्सव का हिस्सा बनेंगे। क्या है बंधा मातौर यह छत्तीसगढ़ की एक प्राचीन आदिवासी परंपरा है जो गांव का तालाब — गांव का उत्सव की भावना पर आधारित है। बरकई गांव की मड़ई, जो यहाँ के प्रमुख देव भंगाराम के सम्मान में आयोजित होती है, उसी के अंतर्गत यह तालाब महोत्सव मनाया जाता है। इस मड़ई का प्रभाव बारह गांवों तक फैला है, इसीलिए इसे बरहपाली की मड़ई भी कहा जाता है। आयोजन की खास बातें आयोजक समिति के सदस्य मिलन कुमार पाण्डे ने बताया कि इस कार्यक्रम में जिले के किसी भी गांव का नागरिक भाग ले सकता है। प्रवेश शुल्क ₹200 से शुरू होगा, जो मछली पकड़ने के साधन — जाली, सौंकी, चगोड़ी आदि — के अनुसार अलग-अलग निर्धारित किया गया है। हाथ से मछली पकड़ने वालों के लिए प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। हालांकि 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों का तालाब में उतरना प्रतिबंधित रहेगा। परंपरा और रहस्य इस उत्सव की एक रोचक परंपरा यह है कि यहाँ के मालगुजार को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाता है। जब तालाब किनारे विशेष धुन बजती है, तो मछलियाँ स्वयं छलांग लगाने लगती हैं। और जैसे ही मालगुजार अपनी उंगली पानी में डालते हैं, मछलियाँ छुप जाती हैं — यह परंपरा इस महोत्सव को और भी रहस्यमयी और आकर्षक बनाती है। व्यापक भागीदारी वर्ष 2023 में हुए पिछले आयोजन में पड़ोसी राज्य ओडिशा के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए थे। इस बार भी उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। तालाब किनारे मनोरंजन और उत्सवी माहौल के बीच यह आयोजन सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का जीवंत प्रतीक बनने जा रहा है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: May 21, 2026, 16:23 IST
बरकई में तीन साल बाद फिर महापर्व: 23 मई को हजारों लोग तालाब में उतरेंगे, ओडिशा के मेहमान भी होंगे शामिल #CityStates #Chhattisgarh #FishFestival #Kondagaon #KondagaonNews #CgNewsToday #SubahSamachar
