एक्सप्लेनर: उरी हमले के बाद कैसे एलओसी पारकर भारतीय सेना ने आतंकी ठिकानों को किया तबाह, 10 साल पहले क्या हुआ?
एक रात सीमा के इस पार देश सो रहा था और उस पार भारतीय सेना के कमांडो अपने मिशन पर निकल चुके थे। कुछ घंटे बाद वे वापस लौटे और अगले दिन देश को पता चला कि नियंत्रण रेखा यानी एलओसी के पार आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। यह 28-29 सितंबर 2016 की रात थी। इस कार्रवाई को सर्जिकल स्ट्राइक कहा गया और आज इसकी 10वीं सालगिरह है। लेकिन उस रात तक पहुंचने की कहानी आखिर शुरू कहां से हुई भारत ने सीमा पार जाकर कैसे कार्रवाई की और क्यों की आइए जानते हैं। उरी में हुआ था आतंकी हमला 18 सितंबर 2016 की सुबह करीब साढ़े 5 बजे जम्मू-कश्मीर स्थित भारतीय सेना के उरी ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकवादियों ने घात लगाकर हमला किया। आतंकियों ने महज तीन मिनट के भीतर एक के बाद एक करीब 17 हैंड ग्रेनेड फेंके। लगातार हो रहे धमाकों से पूरा उरी ब्रिगेड हेडक्वार्टर गूंज उठा। हथगोले फेंके जाने के बाद सेना के टेंटों में आग लग गई। इन टेंटों में सो रहे जवान इसकी चपेट में आ गए और बुरी तरह झुलस गए। अचानक हुए इस हमले के बाद भारतीय सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू की। करीब छह घंटे तक चली मुठभेड़ में सेना ने चारों आतंकवादियों को मार गिराया। हालांकि, इस हमले में 19 जवान शहीद और 30 जवान घायल हुए थे। उरी हमले की खबर सामने आने के बाद पूरे देश में शोक और गुस्से का माहौल बन गया। पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई और देशभर में एक ही सवाल उठने लगा कि इस हमले का जवाब कैसे दिया जाएगा।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Sep 28, 2026, 16:56 IST
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