पश्चिम एशिया संकट: रसोई तक पहुंची महंगाई की आंच, 13 फीसदी बढ़ गईं खाद्य तेल की कीमतें
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों को हिलाकर रख देने वाली भू-राजनीतिक उथल-पुथल ने अब भारतीय रसोई के बजट पर सीधा हमला बोल दिया है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की मार से पहले से ही परेशान आम परिवारों के लिए खाद्य तेलों की यह नई तपिश एक बड़ा झटका है। इस साल फरवरी से अब तक अलग-अलग खाद्य तेलों की थोक कीमतों में करीब 13 फीसदी का उछाल आ चुका है। आइग्रेन इंडिया के संस्थापक राहुल चौहान का कहना है कि पश्चिम एशिया युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ट्रांसपोर्टेशन, बीमा और ट्रांजिट लागत बहुत बढ़ गई है। डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने से पाम तेल का आयात पहले के मुकाबले अब महंगा पड़ रहा है। चौहान का कहना है कि छोटी अवधि में इन ऊंचे भावों पर बाजार थोड़े समय के लिए रुक सकते हैं और कुछ मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। लेकिन, लंबी अवधि का आउटलुक बेहद मजबूत नजर आ रहा है। इंडोनेशिया का बायोफ्यूल के लिए 50 फीसदी पाम तेल मिलाने का कार्यक्रम सफल रहने पर पाम तेल के निर्यात में और गिरावट आएगी। ईंधन महंगा होने से किसानों की लागत एवं माल ढुलाई के खर्च में आगे और बढ़ोतरी होगी, जिससे लंबी अवधि में खाद्य तेल की कीमतों में तेजी बनी रहने का अनुमान है। भारत इसलिए सबसे ज्यादा संवेदनशील भारत खाद्य तेल जरूरतों का 60 फीसदी आयात करता है। घरेलू कीमतें सीधे तौर पर वैश्विक आपूर्ति व्यवधानों, शिपिंग और फ्रेट कॉस्ट से प्रभावित होती हैं। पहले रूस-यूक्रेन संघर्ष ने सूरजमुखी तेल की आपूर्ति रोकी और अब ईरान तनाव ने वनस्पति तेल बाजारों को संकट में डाल दिया है। एफएमसीजी कंपनियां बढ़ा सकती हैं नमकीन और बिस्कुट के दाम खाद्य तेल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पैकेज्ड स्नैक्स (नमकीन), बेकरी आइटम, फ्रोजन फूड्स और रेडी-टू-ईट उत्पादों में किया जाता है। खाद्य तेल की कीमतों में उछाल से एफएमसीजी कंपनियों के लिए कच्चे माल की इनपुट लागत बढ़ गई है। लगातार बढ़ रही इस इनपुट लागत का बोझ खुद उठाने के बाद एफएमसीजी कंपनियां आखिरकार अब इसे उपभोक्ताओं की जेब पर डाल रही हैं। मोदी नेचुरल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अक्षय मोदी के अनुसार, वैश्विक तनावों ने कमोडिटी बाजारों को हिला दिया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें न केवल तेल खरीद, बल्कि पैकेजिंग, प्लास्टिक और पेपर की लागत को भी बढ़ा रही हैं, जो एफएमसीजी कंपनियों के कुल खर्च का एक बड़ा हिस्सा होते हैं। ईरान संकट ने ऐसे बढ़ाए खाद्य तेलों के दाम तेल फरवरी में कीमत (₹) 28 मई का भाव (₹) उछाल राइसब्रान तेल 1,177 1,325 12.57% पाम तेल 1,224 1,370 11.93% सोया रिफाइंड 1,355 1,480 9.23% सरसों तेल 1,450 1,570 8.28% सूरजमुखी तेल 1,623 1,630 0.43%
- Source: www.amarujala.com
- Published: May 29, 2026, 04:18 IST
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