Haryana SIR Update: डोर टू डोर अभियान पूरा, 33 लाख 84 हजार मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं होगा

मतदाता सूची के गहन पुनर्निरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) का डोर-टू-डोर अभियान अब समाप्त हो गया है। इस अभियान के दौरान प्रदेशभर में मतदाताओं के घर-घर जाकर सत्यापन का काम किया गया। सत्यापन प्रक्रिया के बाद तैंतीस लाख चौरासी हजार तीन सौ छत्तीस (33,84,336) मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट श्रेणी में चिह्नित किया गया है। ऐसे मतदाताओं के नाम 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं होगा। यह कुल वोटर का करीब 16 फीसदी है। चुनाव आयोग ने इन मतदाताओं को अंतिम मौका देने की व्यवस्था की है। यदि कोई मतदाता यह साबित करता है कि उसका नाम गलत तरीके से हटाने की श्रेणी में रखा गया है, तो वह आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अपना नाम दोबारा दर्ज करा सकता है। 31 जुलाई को ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाता अपना दावा पेश कर सकेंगे। एसआईआर अभियान के तहत अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया। अधिकारियों का दावा है कि हिसार जिले को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में 100 फीसदी सत्यापन का काम पूरा कर लिया गया है। हिसार में 1458 घरों का सत्यापन अभी लंबित है। बताया जा रहा है कि ये मतदाता वर्तमान में हांसी क्षेत्र में रह रहे हैं और दोबारा हिसार में स्थानांतरित होना चाहते हैं। इसी कारण इन घरों का सत्यापन पूरा नहीं हो सका। चुनाव आयोग इस मामले पर विचार-विमर्श कर रहा है। शनिवार तक इस पर निर्णय ले लिया जाएगा। 16 लाख मतदाताओं की नहीं हो पाई मैपिंग, बीएलओ देंगे नोटिस मतदाता सूची गहन पुनर्निरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के दौरान प्रदेश में करीब 16 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी नहीं हो सकी है। जांच प्रक्रिया में सामने आया है कि इन मतदाताओं का वर्ष 2002 की मतदाता सूची से रिकॉर्ड का मिलान नहीं हो पाया है। इसके अलावा इनके माता-पिता और दादा-दादी के नाम से भी पुरानी मतदाता सूची में कोई स्पष्ट संबंध स्थापित नहीं हो सका है। ऐसे मतदाताओं को अब बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाताओं को निर्धारित समय अवधि के भीतर अपने दावे को प्रमाणित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे। चुनाव आयोग की ओर से यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जो मतदाता निर्धारित समय पर अपना पक्ष और दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे, उनके नाम सूची में शामिल किया जाएगा। फरीदाबाद व गुरुग्राम में सबसे ज्यादा कट सकते हैं मतदाताओं के नाम एसआईआर के दौरान सबसे ज्यादा मतदाता फरीदाबाद व गुरुग्राम के कट सकते हैं। फरीदाबाद में 5 लाख 18 हजार 461 मतदाता बीएलओ की पहुंच से बाहर रहे। वहीं गुरुग्राम जिला दूसरे स्थान पर है, जहां 4 लाख 55 हजार 128 मतदाता इस श्रेणी में दर्ज किए गए हैं। एसआईआर प्रक्रिया के तहत प्रदेश में कुल 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 929 मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है। इनमें से 1 करोड़ 72 लाख 70 हजार 135 मतदाताओं के गणना प्रपत्रों को डिजिटल किया जा चुका है। वहीं, 33 लाख 84 हजार 336 मतदाताओं के प्रपत्र एकत्र नहीं हो सके हैं या उनका सत्यापन पूरा नहीं हो पाया है। सोनीपत में 2,36,865, करनाल में 2,10,824 लाख और पानीपत में 1,82,352 लाख मतदाता नहीं मिल पाएं हैं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए भरना होगा फॉर्म-6 जिन लोगों का नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। यह फॉर्म नए मतदाता का नाम दर्ज कराने के लिए होता है। कोई भी ऐसा व्यक्ति जिसकी उम्र और अन्य शर्तें मतदान के लिए पूरी हैं, वह इस फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकता है। फॉर्म-6 को संबंधित क्षेत्र के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के पास जमा किया जाता है। जिन क्षेत्रों में विधानसभा नहीं है, वहां यह आवेदन संबंधित लोकसभा क्षेत्र के ईआरओ के पास जमा किया जाता है। मतदाता फॉर्म-6 को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से भर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन ईसीआईनेट पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। वहीं, ऑफलाइन आवेदन के लिए ईआरओ कार्यालय में जाकर फॉर्म जमा करना होगा। सबसे अधिक नहीं मिल पाए मतदाताओं वाले पांच जिले जिला कुल मतदाता नहीं मिल पाए मतदाता फरीदाबाद 18,89,793 5,18,461 गुरुग्राम 15,55,034 4,55,128 सोनीपत 12,22,215 2,36,865 करनाल 12,25,661 2,10,824 पानीपत 9,66,687 1,82,352

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 25, 2026, 14:06 IST
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