Mandi News: धर्मपुर नलवाड़ और देव मेला अभी भी पहचान का मोहताज
मेले को नहीं मिल पाया जिला और प्रदेश स्तर का दर्जासुशील शर्मा धर्मपुर (मंडी)। वर्ष 2015 में पंचायत स्तर से उठाकर प्रशासन के अधीन लाया गया धर्मपुर का ऐतिहासिक नलवाड़ और देव मेला आज भी अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है। एसडीएम की अध्यक्षता में होने वाला यह मेला हर वर्ष 4 अप्रैल से 9 अप्रैल तक धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है, लेकिन विडंबना यह है कि इतने भव्य आयोजन के बावजूद इसे अभी तक न तो जिला स्तरीय और न ही प्रदेश स्तरीय मेला घोषित किया गया है।धर्मपुर के राजकीय महाविद्यालय खेल मैदान में होने वाले इस मेले में हर साल हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां दो दर्जन से अधिक देवी-देवता अपने रथों के साथ पहुंचकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो जाता है। देव परंपरा और लोक संस्कृति का अनूठा संगम इस मेले को खास बनाता है।स्थानीय निवासी प्रताप सिंह, रूप लाल, संजय कुमार, नेकराम, विधि चंद का कहना है कि मेले का स्वरूप और इसकी लोकप्रियता किसी भी जिला स्तरीय मेले से कम नहीं है। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर इसे वह दर्जा नहीं मिल पाया है। क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि धर्मपुर नलवाड़ और देव मेले को जिला या प्रदेश स्तरीय मेला घोषित किया जाए।उधर, एसडीएम धर्मपुर जोगिंद्र पटियाल ने बताया कि मेले का दर्जा दिलाने के लिए भाषा अधिकारी के कार्यालय दस्तावेज जमा करवा दिए गए हैं। उम्मीद है कि जल्द मेले को स्तरीय दर्जा मिलेगा।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 26, 2026, 16:55 IST
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