दिल्ली: मतदाता सूची के एसआईआर के विरोध में मार्च, कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया

कोई राजस्थान से पहुंचा, कोई हरियाणा से, तो कोई बिहार और मध्य प्रदेश से। पृष्ठभूमि अलग थी, लेकिन शुक्रवार को दिल्ली में सभी की लड़ाई एक थी-अपने वोट का अधिकार बचाने की। पीपल अगेंस्ट एसआईआर के बैनर तले निकाले गए मार्च में बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल हुए, जिन्होंने मतदाता सूची से नाम कटने की शिकायत की। इनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दिल्ली में रहने के बावजूद मतदाता सूची में उनके नाम नहीं हैं। मार्च की खास बात यह रही कि इसमें संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ वे लोग भी पहुंचे, जो खुद नाम कटने की परेशानी झेल रहे हैं। अलग-अलग राज्यों से आए इन लोगों की शिकायतें भले एक जैसी थीं, लेकिन उनके सवाल भी कई थे। उनका कहना था कि दिल्ली में रहने के बावजूद नाम मतदाता सूची से क्यों हटाए गए और उन्हें दोबारा जुड़वाने के लिए क्या करना होगा। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि मतदाता सूची में नाम नहीं होने से वे चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। उनकी मांग थी कि पात्र मतदाताओं के नाम हटने के मामलों की जांच हो और गलती होने पर उन्हें तुरंत सुधारा जाए। साथ ही, नाम की स्थिति जानने और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया आसान बनाई जाए। अलग-अलग राज्यों से आए, लेकिन लड़ाई एक राजस्थान, हरियाणा, बिहार और मध्य प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों से जुड़े लोगों ने मार्च में हिस्सा लिया। महिलाओं और बुजुर्गों की मौजूदगी ने भी इस मुद्दे की गंभीरता को सामने रखा। प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर पर सवाल उठाते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और चुनाव आयोग से शिकायतें सुनने की मांग की। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ शुक्रवार को नई दिल्ली में मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन आयोग के मुख्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। यह मार्च मतदाताओं के नाम हटाए जाने के विरोध में आयोजित किया गया था। पीपुल अगेंस्ट एसआईआर की दिल्ली समन्वय समिति ने इस मार्च का आयोजन किया। इसमें छात्र, युवा, किसान और विभिन्न संगठनों के सदस्य शामिल हुए। प्रदर्शनकारी तिरंगा और संगठन के बैनर लेकर चल रहे थे। माकपा की वरिष्ठ नेता वृंदा करात भी मार्च में शामिल हुईं। मार्च कालीबाड़ी मार्ग पर गोल डाकखाना के पास से शुरू हुआ। पुलिस ने जब मार्च को रोका तो प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और जन संसद आयोजित की। पीपुल अगेंस्ट एसआईआर ने विभिन्न शहरों में हो रहे प्रदर्शनों की जानकारी देने के लिए एक वेबसाइट शुरू की है। समूह के अनुसार, 18 राज्यों के 88 शहरों में 145 संगठनों की भागीदारी से प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। ब्यूरो

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 23, 2026, 16:08 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




दिल्ली: मतदाता सूची के एसआईआर के विरोध में मार्च, कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया #CityStates #DelhiNcr #Delhi #Sir #DelhiPolice #DelhiProtests #SubahSamachar