Jammu News: निचली अदालत का फैसला रद्द, चेक बाउंस मामले में गैर पेशेवर तरीके से कार्रवाई करने की आलोचना

अदालत से का लोगो लगाएं- हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता को राहत देते निचली अदालत को दो महीने के भीतर मामले का निपटारा करने का निर्देश दियाजम्मू। चेक बाउंस मामले में हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले पर शुक्रवार को कड़ी आपत्ति जताई। अदालत की ओर से असंवेदनशील और गैर पेशेवर तरीके से कार्यवाही करने के लिए कड़ी आलोचना की गई। साथ ही सबूतों के अभाव में शिकायत खारिज करने के फैसले को भी रद्द कर दिया। न्यायाधीश राजेश सेखरी ने अपीलकर्ता जेएन वढेरा की उत्तम सिंह के खिलाफ निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत शिकायत को बहाल कर दिया। निचली अदालत को दो महीने के भीतर मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया। यह मामला 2015 का है जो उत्तम सिंह द्वारा जारी किए गए चार अनादरित चेकों से संबंधित था। जिनकी राशि 4.5 लाख से अधिक थी। अभियुक्त ने मुकदमे के दौरान अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की थी। यहां तक कि 2023 और 2024 में आंशिक भुगतान भी किया था। सितंबर 2022 में दो महीने के भीतर बकाया चुकाने का वचन भी दिया था।हालांकि जब वढेरा लिवर की गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने के कारण फरवरी 2025 में दो सुनवाइयों में शामिल नहीं हो पाए तो जम्मू के विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट (विद्युत) ने सबूतों के अभाव में उनकी शिकायत खारिज कर दी। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट खामियों को देखते हुए पाया कि निचली अदालत ने न तो अभियुक्त के वचन को लागू किया और न ही प्रभावी केस प्रबंधन सुनिश्चित किया।टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर निचली अदालत के रिकॉर्ड पर नजर डाली जाए तो ऐसा प्रतीत होता है कि अपीलकर्ता के मामले को बेहद असंवेदनशील और गैर पेशेवर तरीके से निपटाया गया है। अगर निचली अदालत ने कार्यवाही पर नजर रखी होती तो विवाद बहुत पहले ही सुलझ गया होता। अदालत ने कहा कि अभियुक्त बारबार कार्यवाही से बचता रहा। यहां तक कि गैर जमानती वारंट का भी सामना करना पड़ा जबकि निचली अदालत मुकदमे की समयसीमा पर नियंत्रण रखने में विफल रही। जेएनएफ

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 30, 2025, 03:15 IST
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