चंडीगढ़ मास्टर प्लान 2031: हैरिटेज स्वरूप बचाने पर जोर, विशेषज्ञों ने दिए अहम सुझाव

चंडीगढ़ का विकास उसकी मूल पहचान और हैरिटेज स्वरूप से बिना किसी छेड़छाड़ के होना चाहिए। मास्टर प्लान-2031 के प्रस्तावित संशोधनों पर तीन दिन तक चली आपत्तियों और सुझावों की सुनवाई के दौरान विशेषज्ञों और नीति निर्धारकों ने अमर उजाला से बातचीत में यही राय रखी। उनका कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन इसकी कीमत शहर की विरासत और नियोजित स्वरूप को नुकसान पहुंचाकर नहीं चुकाई जानी चाहिए। मास्टर प्लान-2031 पर आपत्तियों की सुनवाई के लिए गठित नौ सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता आईएएस प्रेरणा पुरी कर रही हैं। तीन दिन तक प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का अध्ययन करने के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट और विजन वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेगी। कमेटी में पूर्व टाउन एंड कंट्री प्लानर आर. श्रीनिवास, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली के प्रो. सेवा राम, यूटी के पूर्व मुख्य वास्तुकार कपिल सेतिया तथा पंजाब के पूर्व मुख्य नगर योजनाकार के.के. कौल भी शामिल हैं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 29, 2026, 11:02 IST
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