Roorkee News: सतत बैटरी व स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा

आईआईटी रुड़की और डब्ल्यूआरआई इंडिया के बीच एमओयू करारबैटरी तकनीक, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सर्कुलर इकोनॉमी और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में करेंगे संयुक्त अनुसंधान रुड़की। आईआईटी रुड़की और डब्ल्यूआरआई इंडिया ने सतत बैटरी पारिस्थितिकी तंत्र, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण, अर्थव्यवस्था, महत्वपूर्ण खनिजों एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। समझौते पर आईआईटी रुड़की की ओर से डीन प्रो. विवेक कुमार मलिक और डब्ल्यूआरआई इंडिया की ओर से एकीकृत परिवहन, स्वच्छ वायु व हाइड्रोजन कार्यक्रम के कार्यकारी कार्यक्रम निदेशक पवन कुमार मुलुकुटला ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आईआईटी के अधिष्ठाता प्रो. योगेश कुमार शर्मा और डब्ल्यूआरआई इंडिया के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी व बैटरी कार्यक्रम निदेशक चैतन्य कानुरी भी उपस्थित रहे। इस सहयोग के तहत दोनों संस्थान सतत गतिशीलता, बैटरी प्रौद्योगिकी, संसाधन दक्षता, बैटरी पुनर्चक्रण, सर्कुलर इकोनॉमी और क्रिटिकल मिनरल्स वैल्यू चेन से जुड़े विषयों पर संयुक्त अनुसंधान करेंगे। साथ ही कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सम्मेलनों, छात्र एवं संकाय आदान-प्रदान तथा नीतिगत अध्ययनों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके बाबत आईआईटी निदेशक प्रो. केके पंत ने कहा कि यह समझौता भारत के ऊर्जा संक्रमण से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण के नए अवसर उपलब्ध कराएगा तथा देश की नेट-जीरो आकांक्षाओं को गति देगा।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 20, 2026, 19:51 IST
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