कठुआ कैंप में खूनी संघर्ष: एक दिन पहले ही संजीव की पत्नी से हुई थी बात, अगले दिन आई मौत की खबर
कठुआ के बसोहली में सीआईएसएफ के जवान ने चार साथियों पर गोलियां बसरा दीं। इसमें चौकी चाैरा निवासी कांस्टेबल संजीव कुमार की मौत हो गई। घटना से एक दिन पहले उन्होंने फोन पर पत्नी और परिवार से बात की थी। इसके अगले ही दिन उनकी मौत की खबर पहुंची तो गांव में मातम छा गया। साल 2013 बैच के सीआईएसएफ जवान की अचानक मौत ने परिवार के साथ पूरे गांव को गहरे सदमे में डाला है। संजीव बीते दो साल से बसोहली में तैनात थे। वह अपने पीछे पत्नी, छह साल के बेटे और तीन साल की बेटी को छोड़ गए हैं। मासूम बच्चों को शायद अभी यह भी समझ नहीं कि उनके पिता अब कभी घर वापस नहीं आएंगे। हमलावर बच्चों के कैंप जाने से था नाराज जवान संजीव के बड़े भाई पवन सिंह ने बताया कि सीआईएसएफ ने परिवार को बताया कि जिस कांस्टेबल ने गोली चलाई, वह किसी बात से परेशान था। उसकी पत्नी सीआईएसएफ में तैनात है और अपने बेटे को कैंप में लेकर आता था। इसकी अनुमति नहीं थी। इसी बात को लेकर वह परेशान था और उसने यह कदम उठाया। अंकित के गांव में नहीं जले चूल्हे बसोहली गोलीबारी में आंबेडकर नगर के असिस्टेंट कमांडेंट एवं कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय की मौत हुई है। उनके पैतृक गांव सहित पूरे जिले में शोक है। गांव के कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। अंकित कुमार डिहवा दौलतपुर गांव के निवासी थे। सीआईएसएफ में कंपनी कमांडर के पद पर तैनात थे। बसोहली क्षेत्र में जलविद्युत परियोजना की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। अंकित कुमार पांडेय ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में उप निरीक्षक के रूप में सेवा शुरू की थी। वर्ष 2021 में उन्होंने विभागीय परीक्षा में सफलता हासिल कर सहायक कमांडेंट का पद प्राप्त किया। इसके बाद उन्हें अधिकारी के रूप में विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 01, 2026, 03:02 IST
कठुआ कैंप में खूनी संघर्ष: एक दिन पहले ही संजीव की पत्नी से हुई थी बात, अगले दिन आई मौत की खबर #CityStates #Education #Kathua #BloodyClash #SubahSamachar
