Gurugram News: गांवों में घर-घर पहुंचकर हो रही खून की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी मानेसर। नखडौला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में एनीमिया (खून की कमी) की पहचान के लिए विशेष अभियान चला रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य केंद्र की टीमें गांवों में लोगों के खून की जांच कर रही हैं। जांच में एनीमिया पाए जाने पर मरीजों को दवा और इलाज की सलाह दी जा रही है।टीमें लोगों के हीमोग्लोबिन की जांच के साथ एनीमिया के लक्षण और बचाव की जानकारी भी दे रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, 10 ग्राम प्रति डेसीलीटर से कम हीमोग्लोबिन होने पर खून की कमी मानी जाती है। उम्र के अनुसार आयरन की दवाएं दी जा रही हैं। एक से पांच वर्ष के बच्चों को आयरन कप सिरप मिलती है। 9 से 18 वर्ष के लोगों को ब्लू आयरन दवा दी जाती है। 18 से 50 वर्ष वालों को रेड आयरन गोली मिलती है। 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को पिंक आयरन दवा दी जा रही है। पीएचसी के डॉक्टर तरुण चोपड़ा ने बताया कि एनीमिया के मामले महिलाओं में अधिक सामने आते हैं।एनीमिया के लक्षणएनीमिया के लक्षणों में कमजोरी, थकान, चक्कर आना और त्वचा का पीला पड़ना शामिल हैं। सांस फूलना और दिल की धड़कन तेज होना भी इसके संकेत हैं। एनीमिया से बचने के लिए भोजन में पालक, मेथी जैसी आयरन युक्त सब्जियां शामिल करें। नींबू और संतरे जैसे विटामिन सी वाले फल आयरन अवशोषण बेहतर करते हैं। गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह पर आयरन और फोलिक एसिड की दवा लेनी चाहिए।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 07, 2026, 20:13 IST
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