धागों में हुनर, कालीन में पहचान: संसद भवन से गिनीज बुक तक पहुंची भदोही के कालीन की कारीगरी, पढ़ें- खासियत

कालीन उद्योग में विश्व पटल पर पहचान बना चुका भदोही अपनी बारीक बुनाई और उम्दा कारीगरी के लिए जाना जाता है। भदोही के कालीन संसद भवन से लेकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज करा चुके हैं। हर साल करीब 17 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है, जिसमें 60 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी परिक्षेत्र की है। कारीगर जब महीनों की मेहनत से कालीन को अंतिम रूप देते हैं तो उसकी बारीक बुनाई और डिजाइन देखते ही बनती है। एक हजार कारीगरों ने छह महीने में तैयार की थी दुनिया की सबसे बड़ी कालीन बीते साल आठ अक्तूबर को पाटोदिया कॉन्ट्रैक्ट की ओर से बनाई गई टफ्टेड कालीन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया था। 12,464.28 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाली यह कालीन कजाखस्तान की अस्ताना ग्रैंड मस्जिद में बिछाई गई है, अस्ताना ग्रैंड को मध्य एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद माना जाता है। इस कालीन को एक हजार कारीगरों ने करीब छह महीने में तैयार किया था।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 28, 2026, 23:41 IST
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