Yoga for Memory: भूलने की बीमारी क्यों होती है? जानिए याददाश्त बढ़ाने के लिए कौन सा योग करें

Memory Badhane Ke liye Yoga: स्मृति का अर्थ उस मानसिक प्रक्रम से है, जिसमें व्यक्ति ज्ञानेंद्रियों से सूचनाओं का ग्रहण करके अपने मस्तिष्क में संचित करता है और जरूरत पड़ने पर उनको प्रत्यावाहित करता है। आसान शब्दों में समझें तो अनुभव किए हुए विषयों का ठीक-ठाक उसी रूप में स्मरण होना स्मृति है। अच्छी याददाश्त में तीव्रता होती है। व्यक्ति सीखी गई बातों को जल्दी याद कर लेता है। साथ ही लंबे समय तक बातें याद रहती हैं। अधिक मात्रा में बातों को याद रख सकते हैं। न्यूरोसाइकोलाॅजिस्ट के मुताबिक, जब मस्तिष्क का कोई भाग क्षतिग्रस्त हो जाता है तो भी याददाश्त में कोई विशेष गड़बड़ी नहीं होती है। इससे ये बात भी साफ है कि मस्तिष्क के किसी एक हिस्से में स्मृति की समस्त घटनाएं समाहित नहीं होती हैं।कई लोगों की शिकायत होती है कि उनकी याददाश्य या स्मरण शक्ति कमजोर हो रही है। लेकिन ऐसा होता क्यों है लोग चीजें या बातें भूल कैसे जाते हैं स्मृति क्षमता घटने के कई कारण हो सकते हैं। जैसे, दवाएं, अल्कोहल-ड्रग्स, चिंता व तनाव, अत्यधिक मानसिक कार्य, अवसाद, मस्तिष्कीय चोट, संक्रमण, थाॅयराइड की गड़बड़ी, अनिद्रा, पोषण की कमी, उम्र का प्रभाव, वैचारिक विकृति, डिमेन्शिया और मानसिक विकार। योग याददाश्त बढ़ाने में सहायक बन सकता है। आसन, प्राणायाम, ध्यान आदि के माध्यम से मस्तिष्क की क्षमता को तीव्र किया जा सकता है और स्मृति के साथ साथ मस्तिष्क की अन्य अद्भुत क्षमताओं को भी बढ़ाया जा सकता है। हालांकि योग के साथ ही पोषण युक्त खानपान और स्वस्थ रहन सहन भी सहायक है। कौन से योगासन से बढ़ेगी याददाश्त सिद्धासन स्वस्तिकासन वज्रासन सर्वांगासन भुजंगासन स्मृति शक्ति को बढ़ाने में बहुत उपयोगी है। सिद्धासन, स्वस्तिकासन और वज्रासन का अभ्यास स्थिरता और सुदृढ़ता प्रदान करता है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 20, 2026, 12:10 IST
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