अयोध्या: चढ़ावा चोरी के बाद अब बदलेगी ट्रस्ट के काम करने की रणनीति, सीईओ की होगी ये जिम्मेदारी
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए पहली बार मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की गई है। सीईओ को ट्रस्ट का पेशेवर प्रशासनिक हाथ माना जा सकता है, लेकिन वह ट्रस्ट का स्थान नहीं लेगा। महामंत्री की ओर से तय नीतियों के अनुसार सीईओ काम करेगा। इसलिए व्यवस्था का संभावित मॉडल ट्रस्ट नीति बनाएगा और सीईओ उसे जमीन पर लागू कराएगा। ट्रस्ट फिलहाल इसी अधिकार-विभाजन को स्पष्ट करने पर काम कर रहा है, ताकि महामंत्री और सीईओ के बीच भविष्य में अधिकारों का टकराव न हो। यानी सीईओ की सबसे बड़ी ताकत स्वतंत्र नीतिगत फैसले लेना नहीं, बल्कि राम मंदिर की विशाल और लगातार बढ़ती व्यवस्थाओं को एक पेशेवर प्रशासनिक सिस्टम के तहत चलाना होगा। प्रस्तावित व्यवस्था में सीईओ को ट्रस्ट से ऊपर स्वतंत्र निर्णय लेने वाली संस्था नहीं बनाया जाएगा। नीतिगत और बड़े वित्तीय फैसलों का अंतिम अधिकार ट्रस्ट के पास रहेगा, जबकि ट्रस्ट के निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू कराने और रोजमर्रा की व्यवस्थाओं की निगरानी सीईओ की प्रमुख जिम्मेदारी होगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सीईओ सीधे ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेगा।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Sep 03, 2026, 06:47 IST
अयोध्या: चढ़ावा चोरी के बाद अब बदलेगी ट्रस्ट के काम करने की रणनीति, सीईओ की होगी ये जिम्मेदारी #CityStates #Lucknow #UttarPradesh #Ayodhya #RamMandirTrust #RamMandirTrustNewTeam #RamMandirGeneralSecretary #SubahSamachar
