Punjab: सरकार ने बदला 165 साल पुराना एक्ट, सोसाइटियों की धांधलियों पर कसेगी लगाम, नहीं चलेगी मनमानी

पंजाब में अब सोसाइटियों द्वारा की जा रही धांधलेबाजी पर सरकार लगाम कसेगी। चैरिटेबल के नाम पर चल रही यह सोसाइटियां अब अपनी मनमानियां नहीं कर सकेंगी। सभी सोसाइटियां आरटीआई के दायरे में आएंगी और इन सभी को एक साल के भीतर रजिस्ट्रार कार्यालय में दोबारा पंजीकरण करवाना होगा। इतना ही नहीं संपत्ति बेचने व हस्तांतरण से पहले सोसाइटियों को सरकार से अनुमति लेनी होगी। इस तरह के नए नियमों के साथ पंजाब सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में 165 साल पुराना पंजाब सोसाइटी एक्ट बदल दिया है। नया एक्ट सोसाइटी रजिस्ट्रेशन पंजाब अमेंडमेंट एक्ट-2025 के नाम से जाना जाएगा। पंजाब में एक लाख से अधिक सोसाइटियां हैं और यह सभी सोसाइटियां उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आती हैं।अधिकतर सोसाइटियां स्वास्थ्य, एजुकेशन और खेल संबंधी चेरिटेबल कार्य कर रही हैं। इनके खिलाफ सरकार के पास करीब 150 शिकायतें ऐसी पहुंची हैं, जो इन सोसाइटियों की अनियमितताओं और धांधलेबाजी सेसंबंधित हैं। अभी तक साल 1860 में बना सोसाइटी एक्ट यूनियन लिस्ट के दायरे (केंद्रीय ढांचे) में था, इसलिए प्रदेश सरकार भी इनके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाती थी। जुर्माना भी बहुत ही कम था। शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने इस एक्ट को स्टेट लिस्ट के दायरे में लेते हुए इसे बदलकर नया संशोधित एक्ट तैयार कर लिया है। जिसके तहत अब इन सोसाइटियों को कायदे में रहकर काम करना पड़ेगा। आईएएस सुरभि मलिक ने इस एक्ट को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। अभी तक देश के 18 राज्य इस एक्ट में संशोधन कर चुके हैं और अब पंजाब ने भी इसमें संशोधन कर दिया है। सोसाइटियों पर इस तरह कसेगा शिकंजा मौजूदा सोसाइटी एक साल के भीतर दोबारा पंजीकरण करवाएंगी और हर पांच साल बाद यह पंजीकरण रिन्यू होगा। एक जिले में सोसाइटी का नाम मिलता-जुलता नहीं होगा। हर साल सोसाइटी का ऑडिट होगा और यह आरटीआई के दायरे में आएंगी। बिना रजिस्ट्रार की अनुमति के सोसाइटी न तो संपत्ति बेच सकेंगी, न हस्तांतरण कर सकेंगी। समय पर चुनाव होंगे, गड़बड़ी की शिकायत आई तो डीसी तहसीलदार स्तर के अधिकारी से जांच करवाएंगे। गड़बड़ी साबित हुई तो एसडीएम व इससे ऊपर रैंक का अफसर को प्रशासक लगाया जाएगा। प्रशासक का कार्यालय छह-छह महीने (एक साल) का होगा। उसके बाद सोसाइटी को भंग कर आगामी कार्रवाई की जाएगी। इस एक्ट में बदलाव बहुत जरूरी था, क्योंकि जो सोसाइटियां चेरिटेबल कार्याें के नाम पर सरकारी व अन्य माध्यमों से जमीनें व फंड लेती हैं, उनके कार्याें की सही ढंग से समीक्षा नहीं हो पा रही थी। कई सोसाइटियों की शिकायतें मिलने के बावजूद सरकार कुछ खास नहीं कर पाती थी। अब इन सोसाइटियों को नियमों के अधीन रहकर काम करना होगा।- संजीव अरोड़ा, उद्योग मंत्री, पंजाब

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 29, 2025, 09:21 IST
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