आज का शब्द: भासित और अज्ञेय की कविता 'सूर्यास्त'
हिंदी हैं हम शब्द-शृंखला में आज का शब्द है भासित जिसका अर्थ है -1. प्रकाशमान 2. चमकदार। कवि अज्ञेय ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। धूप —माँ की हँसी के प्रतिबिंब-सी शिशु-वदन पर— हुई भासित नए चीड़ों से कँटीली पार की गिरि शृंखला पर : गीति : मन पर वेदना के बिना, तर्कातीत, बस स्वीकार से ही सिहर कर बोला : नहीं, फिर आना नहीं होगा। हमारे यूट्यूब चैनल कोSubscribeकरें।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 29, 2026, 10:43 IST
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