आज का शब्द: अनुनय और सोहनलाल द्विवेदी की कविता- अलि रचो छंद
'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- अनुनय, जिसका अर्थ है- विनय, प्रार्थना, रूठे हुए को मनाना। प्रस्तुत है सोहनलाल द्विवेदी की कविता- अलि रचो छंद अलि रचो छंद आज कण कण कनक कुंदन, आज तृण तृण हरित चंदन, आज क्षण क्षण चरण वंदन विनय अनुनय लालसा है। आज वासन्ती उषा है। अलि रचो छंद आज आई मधुर बेला, अब करो मत निठुर खेला, मिलन का हो मधुर मेला आज अथरों में तृषा है। आज वासंती उषा है। अलि रचो छंद मधु के मधु ऋतु के सौरभ के, उल्लास भरे अवनी नभ के, जडजीवन का हिम पिघल चले हो स्वर्ण भरा प्रतिचरण मंद अलि रचो छंद। हमारे यूट्यूब चैनल कोSubscribeकरें।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 10, 2026, 19:20 IST
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