आज का शब्द: अजेय और वीरेन्द्र वत्स की कविता- प्रचंड अग्निज्वाल हो
'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- अजेय, जिसका अर्थ है- जिसे कोई जीत न सके, अपराजेय। प्रस्तुत है वीरेनद्र वत्स की कविता- प्रचंड अग्निज्वाल हो प्रचंड अग्निज्वाल हो अपार शैलमाल हो तू डर नहीं सिहर नहीं तू राह में ठहर नहीं ललाट यह रहे तना तू जीत के लिए बना तू जोश से भुजा चढ़ा तू होश से कदम बढ़ा गगन-गगन में गाँव हो शिखर-शिखर पे पाँव हो तू आँधियों से खेल कर तू बिजलियों से मेल कर तू कालचक्र तोड़ दे तू रुख समय का मोड़ दे अजेय क्रांतिवीर तू अजेय शान्तिवीर तू हमारे यूट्यूब चैनल कोSubscribeकरें। लिंक पर क्लिक करें और जुड़ें अमर उजाला काव्य के व्हाट्सएपचैनल से https://whatsapp.com/channel/0029VaXoA27A89Mp96alfc2o
- Source: www.amarujala.com
- Published: Sep 23, 2026, 16:21 IST
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