शोध: शेर-बाघ समेत पशु-पक्षियों के दस हजार नमूनों की जांच, 103 दुर्लभ और अति दुर्लभ बैक्टीरिया मिले
पशुओं में संक्रमण फैलाने वाले कुछ बैक्टीरिया अब कुछ एंटीबायोटिक दवा को मात दे रहे हैं। बरेली के इज्जतनगर स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के वैज्ञानिकों ने 14 साल तक करीब दस हजार चिकित्सकीय और शव परीक्षण नमूनों की जांच में 103 दुर्लभ और अतिदुर्लभ बैक्टीरिया की पहचान की। इनमें बाघ के लीवर के फोड़े, हाथी के रक्त संक्रमण और शुतुरमुर्ग के रक्त में मिले असामान्य जीवाणु भी शामिल हैं। सेवानिवृत्त प्रधान वैज्ञानिक, महामारी विज्ञान विभाग के प्रमुख रहे भोजराज सिंह के नेतृत्व में क्लीनिक एपिडेमियोलॉजी प्रयोगशाला में यह परीक्षण किया गया। बताया कि बैक्टीरिया पहचान के लिए सामान्य संवर्धन विधि समेत प्रजाति-विशिष्ट पीसीआर, जीन अनुक्रमण, माल्डी-टॉफ मास स्पेक्ट्रोमेट्री का प्रयोग किया। नतीजे चौंकाने वाले रहे। अध्ययन रिपोर्ट अक्तूबर 2026 में अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन रिसर्चगेट जर्नल में प्रकाशित हुआ है। शोध में गाय, भैंस, बकरी, घोड़े, कुत्ते और सूअर जैसे पशुओं के अलावा बाघ, शेर, हाथी, गैंडा, दरियाई घोड़ा, हिरन, गिब्बन, कछुआ, शुतुरमुर्ग, मुर्गियों, चूजों और बत्तखों के नमूनों की जांच की गई। वैज्ञानिकों ने बेहद कम मिलने वाले जीवाणुओं को दो श्रेणी में रखा। अति दुर्लभ (ब्लू रेयर) वे जीवाणु थे, जो किसी एक नमूने या सिर्फ एक बार मिले। दुर्लभ (रेयर) श्रेणी में दो से पांच मामलों में मिले जीवाणु शामिल किए गए।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 12, 2026, 02:17 IST
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