सोशल मीडिया: तुम आज सोना नहीं, नींद में ख्वाब आएंगे...

तुम आज सोना नहीं, नींद में ख्वाब आएंगे तुम जगना भी नहीं, मन में सवाल आएंगे। हो सके तो एक काम उसकी खातिर कर देना किताब से वो फूल हटा देना, वर्ना याद आएंगे। रुखसत के वक्त कुछ याद मत दिलाना उसे रास्ते सारे मालूम है उसे, बेवक्त लौट आएंगे। शिकायतें भी एक हद तलक ठीक लगती हैं रोज गुनगुनाओगे उन्हें, तो गीत बन जाएंगे। योगेश एन. दीक्षित की फेसबुक वाल से

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 13, 2019, 20:19 IST
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