शेयर बाजार: क्या महाराष्ट्र में लगे प्रतिबंधों से प्रभावित होगा बाजार? जानिए विशेषज्ञों की राय

कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से महाराष्ट्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य में रिकॉर्ड संख्या में दैनिक मामले सामने आ रहे हैं। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मंगलवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य की जनता को संबोधित किया। पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू हो गई है। उन्होंने कहा कि लोकल ट्रेन और बस सेवा केवल आवश्यक सेवाओं के लिए चलेंगी। इस दौरान पेट्रोल पंप, सेबी से संबंधित वित्तीय संस्थान और निर्माण कार्य चालू रहेंगे।आज डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 130वीं जयंती के उपलक्ष्य पर शेयर बाजार बंद है। लेकिन गुरुवार को जब कारोबार शुरू होगा, तब घरेलू बाजार में प्रतिबंधों का असर दिख सकता है। इस संदर्भ में विशेषज्ञों ने कहा कि सोमवार को महाराष्ट्र में लॉकडाउन की संभावनाओं से पहले ही शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली थी, इसलिए बाजारों में आगे गिरावट की संभावना कम है। लाइवमिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, विशेषज्ञों के अनुसारबाजार में उतार-चढ़ाव के लिए अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण विदेशी कारक होगा। चॉइस ब्रोकिंग के कार्यकारी निदेशक सुमीत बागडिया ने कहा कि, 'धारा 144 को छोड़कर महाराष्ट्र सरकार द्वारा कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। धारा 144 के तहत अधिकांश प्रतिबंध महाराष्ट्र में लगभग 10 दिन पहले ही लग गए थे। इसके चलते सोमवार को सेंसेक्स में 1700 से अधिक अंकों की गिरावट आई थी।' प्रॉफिटमार्ट सिक्योरिटीज के अनुसंधान प्रमुख अविनाश गोरक्षकर ने कहा कि, 'महाराष्ट्र के प्रतिबंधों को देखने के बजाय, अब नए कोविड-19 के मामलों की संख्या को देखना चाहिए। यदि नए मामले बढ़ते हैं, तो निश्चित रूप से इसका बाजार पर नकारात्मक असर पड़ेगा।' गोरक्षकर ने कहा सूचकांक ट्रेड के बजाय स्टॉक विशिष्ट ट्रेड का अनुसरण करना चाहिए। कोविड-19 मामलों की संख्या बढ़ने से फार्मा और आईटी शेयरों का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है। उन्होंने निवेशकों को फार्मा सेक्टर में डॉ. रेड्डीज, ग्लैंड फार्मा और कैडिला हेल्थकेयर जैसे शेयरों में और आईटी सेक्टर में इंफोसिस, टीसीएस और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। सोमवार को निवेशकों के डूबे थे आठ लाख करोड़ रुपये सोमवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 813.07 अंकों (1.64 फीसदी) की भारी गिरावट के साथ 48,778.25 के स्तर पर खुला था। वहीं निफ्टी 245.90 अंक यानी 1.66 फीसदी की गिरावट के साथ 14,589 के स्तर पर खुला था। इसके बाद दोपहर 3.01 बजे सेंसेक्स में 1818.10 अंकों तक की गिरावट आई और 47773.10 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 558.25 अंक (3.76 फीसदी) नीचे 14276.60 के स्तर पर था। अंत में सेंसेक्स 1707.94 अंक नीचे 47883.38 के स्तर पर बंद हुआ था और निफ्टी 524.05 अंकों की गिरावट के साथ 14310.80 के स्तर पर बंद हुआ था। निवेशकों के आठ लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पैसे डूब गए थे। पिछले कारोबारी दिन बढ़त के साथ खुला था बाजार इसके बाद सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को शेयर बाजार हरे निशान पर खुला था। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स करीब 108.15 अंकों की तेजी के साथ 47,991.53 के स्तर पर खुला था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 54.1 अंक की बढ़त के साथ 14,364.90 के स्तर पर खुला था। अंत में सेंसेक्स 660.68 अंक उछलकर 48,544.06 पर बंद हुआ था और एनएसई निफ्टी 194 अंकों की बढ़त के साथ 14,504.80 पर बंद हुआ था। यह भी पढ़ें: सावधान: एटीएम से पैसे निकालते समय इन बातों का रखें ध्यान, वरना खाली हो सकता है आपका खाता यह भी पढ़ें: काम की खबर: कोरोना काल में अपनी वित्तीय जरूरतें पूरी करने के लिए इन तरीकों से करें पैसों का इंतजाम

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 14, 2021, 16:03 IST
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