अर्थव्यवस्था में रियल सेक्टर का निर्माण करने वाले पूछे कार्य, उलझे अभ्यर्थी

अर्थव्यवस्था में रियल सेक्टर का निर्माण करने वाले पूछे कार्य, उलझे अभ्यर्थीगाजियाबाद। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल और वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा में आधे अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। महानगर में 48 केंद्रों पर हुई परीक्षा में पंजीकृत 22507 में से 11396 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। बीते साले के मुकाबले सिविल सर्विस का इस बार का प्रारंभिक परीक्षा का जनरल स्टडीज पेपर स्तरीय आया। पेपर में अर्थव्यवस्था, इतिहास, भूगो, अर्थशास्त्र के सवालों ने अभ्यर्थियों को परेशान किया। पेपर में 65 फीसदी सवाल घुमाकर पूछे गए।बीते सालों की अपेक्षा अर्थव्यवस्था के सवाल अधिक आए। पेपर में अर्थव्यवस्था में रियल सेक्टर का निर्माण करने वाले कौन-कौन से कार्यकलाप के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्थ में मुद्रास्फीति सहलग्न बॉंड के लाभ के बारे में पूछा गया। वहीं, पश्चिम अफ्रीका में सूखकर मरुस्थल में बदली झील, दक्षिण भारत की गंडिकोडा घाटी किस नदी में से निर्मित हुई का सवाल पेपर में आया। उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन कब होने का रोचक सवाल भी पूछा गया। इसके अलावा इतिहास में किसके राज्यकाल में योग वशिष्ठ का निजामुद्दीन पानीपति द्वारा फारसी में अनुवाद किया गया और मध्यकालीन भारत में शब्द फणम के किसे निर्दिष्ट करने का प्रश्न आया। साथ ही भारतीय इतिहास में कौन कुलाह दारन कहलाते थे के सवाल को करने में परेशानी हुई। वहीं कोई मुख्य सौर तूफान पृथ्वी पर पहुंचता है तो पृथ्वी पर कौन से प्रभाव संभव होंगे का सवाल भी आया। वहीं भारत में कोयला नियंत्रक संगठन की भूमिका के बारे में भी पूछा गया।सात जोनल व 12 सेक्टर की निगरानी में हुई परीक्षा:संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा आयोजित करने के लिए सात जोनल और 12 सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ हर केंद्र पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई। इसके अलावा यूपीएससी के पर्यवेक्षकों ने भी केंद्रों पर निगरानी रखी। सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े ग्यारह बजे की पाली में हुई परीक्षा में पंजीकृत 22507 में से 11565 ने परीक्षा दी। पहली पाली में 51.38 फीसदी ने परीक्षा देने के साथ 48.62 फीसदी ने परीक्षा छोड़ दी। फिर दोपहर को ढाई बजे से साढ़े चार बजे की पाली में 50.63 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।बीते साल की अपेक्षा स्तर और ऊपर था: दिल्ली शाहदरा से आए अभ्यर्थी अश्विन यादव ने कहा कि पेपर का स्तर बीते साल की अपेक्षा और ऊपर था। तैयारी अच्छी होने से अधिक परेशानी नहीं आई। पेपर में इस बार अर्थव्यवस्था से जुड़े अधिक सवाल पूछे गए थे।सीधे न पूछकर घुमाकर आए अधिकांश सवाल:नंदग्राम से आए अभ्यर्थी पुनीत तोमर ने बताया कि पेपर में इस बार अर्थशास्त्र, पर्यावरण और राजनीति विज्ञान से जुड़े सवाल कुछ कठिन थे। अधिकांश सवाल सीधे की बजाय घुकाकर पूछे गए थे। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों से जुड़े सवालों का स्तर भी अच्छा था।सूचना और विज्ञान के सवाल थे उलझाऊ: मेरठ से आईं अभ्यर्थी रेशमा सैफी ने बताया कि पेपर उम्मीद के मुताबिक आया। पेपर में सूचना और विज्ञान से जुड़े सवाल काफी उलझाऊ थे। बड़ी संख्या में अर्थव्यवस्था के सवाल आए। अच्छी तैयारी होने केकारण ओवरऑल पेपर अच्छा गया।पहला अवसर था, अच्छा गया पेपर: दिल्ली से आईं अभ्यर्थी शालू ने बताया कि सिविल सर्विसेज परीक्षा का उनका पहला अवसर था। पेपर में भूगोल के सवालों को करने में कुछ परेशानी आई। ओवरऑल पेपर यूपीएससी के स्तर का था। पहले पेपर से पेपर पैटर्न का स्तर पता चला है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 06, 2022, 00:54 IST
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